आगरा DPS स्कूल में 6 साल के छात्र के साथ क्रूरता, सीनियर ने 30 बार मारा थप्पड़, जूते पर थूककर चाटने को कहा
आगरा के डीपीएस स्कूल में 6 वर्षीय छात्र को उसके 8 वर्षीय सीनियर ने कई बार थप्पड़ मारे, जूते उठाने और थूक चाटने के लिए मजबूर किया. पीड़ित बच्चे की हालत इतनी बिगड़ गई कि उसने स्कूल जाने से मना कर दिया, जिसके बाद माता-पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित डीपीएस स्कूल में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कक्षा केजी के एक 6 वर्षीय छात्र के साथ उसके 8 वर्षीय सीनियर (कक्षा 2) द्वारा कई बार दुर्व्यवहार किया गया. पीड़ित छात्र ने आरोप लगाया कि सीनियर छात्र ने उसे कम से कम 30 बार थप्पड़ मारे, जूते उठाने के लिए मजबूर किया और उस पर थूककर उसे चाटने के लिए कहा. पीड़ित बच्चे का कहना है कि उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई.
मामले ने तब तूल पकड़ा जब पीड़ित छात्र ने एक वीडियो में अपने साथ हुए दुर्व्यवहार का जिक्र किया और स्कूल जाने से इनकार कर दिया. बच्चे को "एंग्जायटी-इंड्यूस्ड फीवर" (तनावजनित बुखार) हो गया, जिसके बाद स्कूल प्रशासन और शहर के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) मामले में संज्ञान लेने पर मजबूर हुए.
वीडियो में हुआ खुलासा
वीडियो में बच्चा कथित रूप से कहता सुनाई दे रहा है, "उसने पहले मेरे जूतों पर थूका और फिर उसे चाटने को कहा. उसने मुझे 30 बार थप्पड़ मारे. उसने मुझे गला घोंटने की भी धमकी दी." यह वीडियो उसके माता-पिता की सहायता से बनाया गया था, जिसके बाद उन्होंने 5 मार्च को आगरा पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई.
स्कूल प्रशासन की प्रतिक्रिया
आगरा के डीपीएस स्कूल के दयालबाग परिसर की प्रधानाचार्या निधि सिंह ने शुक्रवार को कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से इस मामले को देख रही हैं. उन्होंने बताया, "पीड़ित बच्चा नर्सरी से ही स्कूल में पढ़ रहा था और उसे कुछ चिकित्सीय समस्याएं थीं. 4 मार्च को उसके माता-पिता ने मुझसे शिकायत की थी, जिसके बाद मैंने जांच के लिए एक समिति गठित की. दोनों छात्रों के एक ही स्कूल बस में सफर करने के कारण बस अटेंडेंट को निलंबित कर दिया गया है और हम बस के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं. आरोपी छात्र को स्कूल आने से रोका गया है और उसके माता-पिता को बुलाकर पूरी घटना की जानकारी दी गई है."
पुलिस जांच में जुटी
मामले की जांच कर रहे एसीपी मयंक तिवारी ने कहा, "हम इस मामले की जांच कर रहे हैं. दोनों पक्षों को 8 मार्च को बुलाया गया है. उनकी बातें सुनने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी."
पीड़ित छात्र की मां का बयान
छात्र की मां ने बताया, "मेरा बेटा 4 मार्च को स्कूल जाने से मना करने लगा. वह पिछले एक महीने से बीमार था और आगरा के 3-4 डॉक्टरों से जांच कराने और कई मेडिकल टेस्ट कराने के बावजूद उसकी बीमारी का कारण पता नहीं चल पा रहा था. एक सप्ताह पहले उसने नींद में बड़बड़ाना शुरू कर दिया, ‘वह मुझे मारेगा’. काउंसलिंग के दौरान उसने एक डॉक्टर से अपनी आपबीती बतानी शुरू की."
उन्होंने आगे कहा, "कक्षा 2 के एक छात्र ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, स्कूल के शौचालय में बंद कर दिया, घर लौटते समय बस में थप्पड़ मारे और अन्य बच्चों के सामने अपमानित किया."
आरोपी छात्र के पिता की सफाई
कक्षा 2 के आरोपी छात्र के पिता ने कहा, "मेरा बेटा ट्यूशन, बैडमिंटन और म्यूजिक क्लासेस जाता है और अब तक हमारे पास उसकी कोई शिकायत नहीं आई थी. हो सकता है कि बस में बच्चों के बीच कोई घटना हुई हो, लेकिन इसे बेवजह बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है."
इस मामले ने बच्चों के स्कूलों में सुरक्षित माहौल को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं. यह जरूरी हो गया है कि स्कूल प्रशासन इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए और माता-पिता भी अपने बच्चों की मानसिक स्थिति पर विशेष ध्यान दें. पुलिस और स्कूल प्रबंधन इस मामले की जांच में जुटे हुए हैं और उम्मीद की जा रही है कि उचित न्याय मिलेगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 08, 2025 12:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

