आगरा: "पापा सॉरी, मम्मी सॉरी, अक्कू सॉरी... अब मैं विदा ले रहा हूं. द लॉ नीड टू प्रोटेक्ट मैन. प्लीज, मर्दों के बारे में भी कोई तो सोचे, वे बहुत अकेले होते हैं..." ये दर्द से भरे आखिरी शब्द थे टीसीएस में मैनेजर रहे मानव शर्मा के, जिन्होंने दुनिया को अलविदा कहने से पहले 6 मिनट 57 सेकंड का एक वीडियो पोस्ट किया. यह वीडियो सुनकर हर किसी की आंखें नम हो जाती हैं. एक बेबस बेटे की आखिरी पुकार, जिसे कोई सुन नहीं सका.
जब सहने की हद पार हो गई
मानव शर्मा, जो एक सुलझे हुए पेशेवर थे, ने इस वीडियो में अपनी पत्नी और ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि वे पत्नी की प्रताड़ना से टूट चुके थे, उनकी आवाज सुनी नहीं जा रही थी. 'कोई मर्दों के बारे में भी सोचे, बेचारे बहुत अकेले होते हैं,' यह कहते हुए उनकी आवाज कांप गई. यह शब्द किसी भी संवेदनशील इंसान के दिल को झकझोर कर रख देते हैं.
खुशहाल जिंदगी कब बदली दर्द में?
मानव के पिता, एयरफोर्स से रिटायर्ड नरेंद्र शर्मा, अपने बेटे को खोकर टूट चुके हैं. उनकी आंखों में दर्द और गुस्सा है. वह कहते हैं, "मेरे बेटे ने तो बस एक खुशहाल जिंदगी की उम्मीद की थी. उसकी शादी 30 जनवरी 2024 को हुई थी. उसे क्या पता था कि यह उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द बन जाएगा."
शादी के बाद, मानव अपनी पत्नी को मुंबई ले गए थे, जहां वे टीसीएस में काम कर रहे थे. लेकिन खुशहाल जिंदगी के सपने जल्द ही बिखरने लगे. पत्नी आए दिन झगड़ा करती, धमकियां देती. वह कहती कि वह अपने बॉयफ्रेंड के साथ रहना चाहती है.
जिस दिन छोड़ा, उसी दिन टूट गया दिल
23 फरवरी को मानव अपनी पत्नी को उसके मायके छोड़ने गए थे. उसी रात, उन्होंने अपने परिवार से फोन पर बात की थी. पिता ने पूछा था, "बेटा, तुम ठीक हो न?" और उसने जवाब दिया था, "हां, पापा, सब ठीक है." लेकिन क्या सच में सब ठीक था?
एक और अतुल सुभाष
6 मिनट 57 सेकेंड का ये वीडियो आपको झकझोर देगा।
टीसीएस में मैनेजर रहे मानव शर्मा ने अपनी पत्नी से तंग आकर सुसाइड कर ली। मानव के पिता ने बहू और उसके घर वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
वीडियो में मानव कह रहे हैं- कोई तो मर्दों के बारे में बात करे। मर्दों के बारे… pic.twitter.com/1jyI9qf0S5
— Versha Singh (@Vershasingh26) February 28, 2025
24 फरवरी को, मानव ने अपनी जिंदगी खत्म कर ली. उनका मोबाइल जब्त कर लिया गया है, जिसमें वह दर्दभरा आखिरी वीडियो मिला.
'मेरा बेटा इंसाफ चाहता है'
आज मानव के माता-पिता न्याय की गुहार लगा रहे हैं. पिता कहते हैं, "मेरा बेटा चला गया, लेकिन और किसी बेटे को यह दिन न देखना पड़े. मैं बस इतना चाहता हूं कि उसे न्याय मिले."
मर्दों की चुप्पी तोड़ने का वक्त आ गया है
यह घटना समाज को झकझोरने के लिए काफी है. यह दिखाती है कि पुरुष भी दर्द झेलते हैं, लेकिन उनकी आवाज कोई नहीं सुनता.
मानव के आखिरी शब्द हमें सोचने पर मजबूर कर देते हैं - क्या मर्दों के लिए भी कोई कानून होगा? क्या कोई उनकी भी सुनेगा? या फिर एक और मानव, चुपचाप अपनी जिंदगी खत्म कर देगा?
ज़रूरत है कि इस पर खुलकर चर्चा हो, ताकि कोई और बेटा, भाई या पति इस दर्दनाक अंत तक न पहुंचे.













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