दिल्ली फर्जी CBI छापे की आड़ में करोड़ों की लूट, पुलिस ने तीन को किया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे गैंग का भंडाफोड़ किया है जो खुद को CBI अधिकारी बताकर लोगों को ठग रहा था. इस गैंग ने एक कारोबारी से 2.5 करोड़ रुपये की लूट की थी. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे गैंग का भंडाफोड़ किया है जो खुद को CBI अधिकारी बताकर लोगों को ठग रहा था. इस गैंग ने एक कारोबारी से 2.5 करोड़ रुपये की लूट की थी. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला और एक NGO का डायरेक्टर भी शामिल है. शाहदरा के विवेक विहार इलाके में रहने वाले कारोबारी मनप्रीत सिंह ने पुलिस को शिकायत दी कि चार लोग, जिनमें एक महिला भी थी, उनके दफ्तर से नकदी लेकर फरार हो गए. आरोपी खुद को CBI अधिकारी बता रहे थे और उन्होंने नकली आईडी कार्ड और वॉकी-टॉकी भी दिखाए.
मनप्रीत सिंह (Manpreet Singh) ने बताया कि उनके ऑफिस में करीब 2.5 करोड़ रुपये नकद रखा हुआ था. 19 अगस्त को उन्होंने अपने साथी रवि शंकर को ऑफिस से 1.1 करोड़ रुपये निकालकर घर लाने के लिए कहा. जैसे ही रवि कैश लेकर बाहर निकले, चारों आरोपियों ने उन्हें रोक लिया और CBI छापे (Fake CBI Raid) के नाम पर बैग छीन लिया. इसके बाद वे ऑफिस के अंदर घुसे और वहां से बाकी की नकदी भी ले गए.
अपहरण और धमकी का खेल
आरोपियों ने न सिर्फ कैश छीना बल्कि दो कर्मचारियों को कार में बिठाकर अलग-अलग जगहों पर घुमाया और धमकियां देकर छोड़ दिया. यह सबकुछ एक प्रोफेशनल ऑपरेशन जैसा दिखाने के लिए किया गया था.
पुलिस ने ऐसे खोला राज
शिकायत दर्ज होने के बाद विवेक विहार पुलिस ने 100 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले और टेक्निकल सर्विलांस लगाया. जांच में पता चला कि लूट में इस्तेमाल हुई कारें फरीदाबाद से बुक की गई थीं. गाड़ियों के ड्राइवरों ने पुलिस को बताया कि ये कारें एक NGO “क्राइम ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन” के नाम से हायर की गई थीं.
बरामद हुआ ढाई करोड़ का आधा पैसा
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों से करीब 1.25 करोड़ कैश बरामद किया. इसमें से 1.08 करोड़ एक आरोपी बरुआ से और 17.5 लाख दीपक से मिले. पुलिस का कहना है कि इस गैंग में और भी लोग शामिल हैं, जिनमें चार महिलाएं भी बताई जा रही हैं. बाकी रकम और फरार आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी जारी है.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गैंग ने पूरी वारदात को बड़े ही संगठित तरीके से अंजाम दिया. फर्जी आईडी कार्ड, वॉकी-टॉकी और सरकारी अंदाज से उन्होंने कारोबारी को डरा दिया और मोटी रकम पर हाथ साफ कर लिया.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 22, 2025 11:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

