Fact Check: क्या केंद्र सरकार ने युवाओं में अचानक हो रही मौतों पर अध्ययन शुरू किया है? जानिए सच्चाई
हाल ही में एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि केंद्र सरकार ने देशभर में अचानक हो रही मौतों पर एक बड़ा अध्ययन शुरू किया है, खासकर उन लोगों में जो 45 साल से कम उम्र के हैं और जिनकी मौत कोविड महामारी के बाद रहस्यमयी तरीके से हुई है.
Fact Check: हाल ही में एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि केंद्र सरकार ने देशभर में अचानक हो रही मौतों पर एक बड़ा अध्ययन शुरू किया है, खासकर उन लोगों में जो 45 साल से कम उम्र के हैं और जिनकी मौत कोविड महामारी के बाद रहस्यमयी तरीके से हुई है. यह दावा सबसे पहले ThePrint की रिपोर्ट में किया गया था, जिसके अनुसार DHR (Department of Health Research) और INCLEN International इस अध्ययन पर काम कर रहे हैं.
PIB Fact Check ने इस रिपोर्ट को झूठा करार दिया है. उन्होंने साफ कहा कि "केंद्र सरकार या स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (DHR) ने ऐसा कोई राष्ट्रीय अध्ययन शुरू नहीं किया है." यह स्पष्ट करते हुए बताया गया कि रिपोर्ट में जो बातें कही गई हैं, उनका कोई आधिकारिक आधार नहीं है.
PIB ने किया स्पष्ट: यह दावा फर्जी है
AIIMS क्या कर रहा है?
हालांकि, AIIMS दिल्ली एक सीमित अध्ययन जरूर कर रहा है, जिसमें 300 ऐसे मामलों की जांच की जा रही है जिनमें युवा लोग अचानक हार्ट अटैक के बाद मौत का शिकार हो गए. ये सभी मामले पोस्टमार्टम के लिए AIIMS लाए गए थे. इस स्टडी का मकसद कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD) की संभावनाओं को समझना है. लेकिन यह अध्ययन राष्ट्रीय स्तर पर नहीं हो रहा, न ही यह केंद्र द्वारा घोषित कोई जनसंख्या स्तर की स्टडी है.
क्या कोविड वैक्सीन से हो रही हैं अचानक मौतें?
इस मुद्दे पर हाल ही में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने चिंता जताई थी और कोविड वैक्सीन को लेकर सवाल उठाए थे, खासकर युवा लोगों में हो रही हार्ट अटैक की घटनाओं को लेकर. हालांकि, ICMR और AIIMS दोनों ने पहले ही इस पर स्पष्ट कर दिया है कि कोविड वैक्सीन और अचानक मौतों के बीच कोई संबंध नहीं पाया गया है. इन संस्थाओं ने विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है.
अचानक मौत का असली कारण क्या है?
WHO के अनुसार, सडन डेथ यानी अचानक मृत्यु वह होती है जो प्राकृतिक कारणों से होती है और लक्षणों की शुरुआत के 24 घंटे के अंदर व्यक्ति की मौत हो जाती है. इसका सबसे बड़ा कारण अक्सर हृदय संबंधी समस्याएं होती हैं, जैसे हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट.