देश

'त्रिशूल': बॉर्डर पर भारतीय सेनाओं का महा-अभ्यास शुरू, पाकिस्तान में मची खलबली, हमले के डर से एयरस्पेस किया बंद

भारत ने पाकिस्तान सीमा पर 12 दिवसीय 'त्रिशूल' सैन्य अभ्यास शुरू किया है, जिसमें थल, जल और वायु, तीनों सेनाएं शामिल हैं. इस अभ्यास का मकसद 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद अपनी तैयारी परखना और सर क्रीक पर पाकिस्तान की हरकतों का कड़ा जवाब देना है. 'त्रिशूल' के पैमाने से घबराकर, पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई में अपना अधिकांश हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद कर दिया है.

'त्रिशूल': बॉर्डर पर भारतीय सेनाओं का महा-अभ्यास शुरू, पाकिस्तान में मची खलबली, हमले के डर से एयरस्पेस किया बंद
(Photo : AI)

Indian Military Exercises 'Trishul' on India-Pakistan Border: भारत ने गुरुवार को पाकिस्तान की सीमा पर 'त्रिशूल' नाम का एक विशाल सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है, जिससे पड़ोसी देश पाकिस्तान में खलबली मच गई है. यह 12 दिनों तक चलने वाला एक ट्राई-सर्विस युद्धाभ्यास है, यानी इसमें भारत की तीनों सेनाएं - थल सेना, वायु सेना और नौसेना - एक साथ हिस्सा ले रही हैं.

छह महीने पहले हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद यह भारत का पहला इतना बड़ा वॉर गेम (युद्ध का अभ्यास) है.

इस 'त्रिशूल' अभ्यास में भारत के स्पेशल फोर्सेज कमांडो, मिसाइल बैटरियां, जंगी जहाज, युद्धक टैंक और लड़ाकू विमान शामिल हैं. इनमें राफेल और सुखोई Su-30 जैसे घातक विमान भी हैं. ये सभी मिलकर दक्षिणी पाकिस्तान के अंदर घुसकर नकली आक्रामक हमले (simulated offensive strikes) करने का अभ्यास करेंगे.

इस अभ्यास का मुख्य मकसद 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारतीय सशस्त्र बलों की तैयारियों को परखना और उन्हें किसी भी स्थिति के लिए तैयार रखना है.


फोकस गुजरात का कच्छ क्यों?

यह सैन्य अभ्यास गुजरात और राजस्थान से सटी सीमा पर हो रहा है, लेकिन सरकार का मुख्य फोकस गुजरात पर है, खासकर कच्छ के इलाके पर. कच्छ को पाकिस्तान के साथ तनाव का एक नया बिंदु (फ्लैशपॉइंट) माना जा रहा है.

इसकी वजह है 'सर क्रीक'

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस महीने की शुरुआत में ही पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि वह सर क्रीक पर अवैध रूप से कब्जा करने की कोशिश न करे. सर क्रीक, गुजरात के कच्छ के रण और पाकिस्तान के बीच, 100 किलोमीटर से भी कम लंबी, पानी की एक संकरी पट्टी है, जिस पर लंबे समय से विवाद है.

कागजों पर, इस खाड़ी (क्रीक) का पश्चिमी आधा हिस्सा पाकिस्तान का है और पूर्वी हिस्सा भारत का है. राजनाथ सिंह ने कड़े शब्दों में कहा था कि अगर भारतीय क्षेत्र पर दावा करने की कोई कोशिश की गई, तो उसका ऐसा जवाब दिया जाएगा जो "इतिहास और भूगोल" दोनों बदल देगा.


पाकिस्तान की हरकतें और भारत का जवाब

रक्षा मंत्री ने यह भी खुलासा किया था कि पाकिस्तान ने हाल ही में सर क्रीक इलाके के आसपास अपने सैन्य बुनियादी ढांचे का विस्तार किया है.

पाकिस्तान वहां नए बंकर, रडार और फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (FOBs) बना रहा है. इन बेसों का इस्तेमाल भारत के खिलाफ हमला करने वाले ड्रोन लॉन्च करने या पैदल सेना के ऑपरेशन के लिए किया जा सकता है. भारत ने इन सभी हरकतों पर नजर रखी हुई है.

इतना ही नहीं, पिछले हफ्ते पाकिस्तान के नौसेना प्रमुख एडमिरल नवीद अशरफ ने खुद सर क्रीक बेल्ट में आगे की चौकियों का औचक दौरा किया था. खबरों के मुताबिक, उन्होंने "सर क्रीक से लेकर जिवानी तक हमारी समुद्री सीमाओं के हर इंच" की रक्षा करने का वादा किया. इस बयान के बाद दिल्ली और भारतीय रक्षा सलाहकार पूरी तरह अलर्ट हो गए.

'त्रिशूल' अभ्यास को इसी भड़काऊ कार्रवाई के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है. एनडीटीवी को बताया गया कि 'त्रिशूल' का मकसद पाकिस्तान को एक स्पष्ट संदेश भेजना है कि भारत अपनी जमीन की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है और अगर जरूरी हुआ, तो वह वहीं से शुरू करेगा जहां मई में 'ऑपरेशन सिंदूर' खत्म हुआ था.


'त्रिशूल' में कौन-कौन से हथियार शामिल हैं

इस अभ्यास में तीनों सेनाओं के सबसे घातक हथियार शामिल किए गए हैं:

  • थल सेना: सेना ने अपने T-90 युद्धक टैंक और ब्रह्मोस (BrahMos) मिसाइल यूनिट्स को मैदान में उतारा है. इसके साथ ही आकाश मिसाइल डिफेंस सिस्टम की यूनिटें भी तैनात हैं, जिन्होंने 'सिंदूर' ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान की मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया था. स्वदेशी प्रचंड अटैक हेलीकॉप्टर भी इस अभ्यास का हिस्सा है.
  • वायु सेना: वायु सेना ने अपने सबसे प्रमुख लड़ाकू विमानों - फ्रांस में बने राफेल (Rafale) और रूस में बने सुखोई Su-30 (Sukhoi Su-30) को तैनात किया है. इनके अलावा, निगरानी के लिए सी गार्डियन और हेरॉन ड्रोन भी इस्तेमाल किए जा रहे हैं.
  • नौसेना: नौसेना ने अपने कोलकाता-क्लास डेस्ट्रॉयर (Kolkata-class destroyers) और नीलगिरि-क्लास फ्रिगेट (Nilgiri-class frigates) जैसे जंगी जहाजों को भेजा है.

स्पेशल फोर्सेज का जमावड़ा

'त्रिशूल' में सिर्फ मशीनें ही नहीं, बल्कि भारत के सबसे खूंखार कमांडो भी जमीन पर उतरे हैं.

  • पैरा एसएफ (Para SF): सेना की पैराशूट रेजिमेंट की स्पेशल फोर्सेज बटालियन.
  • मार्कोस (MARCOS): नौसेना के मरीन कमांडो, जो पानी और जमीन दोनों पर लड़ने में माहिर हैं और उभयचर युद्ध (amphibious warfare) और आतंकवाद विरोधी अभियानों के विशेषज्ञ हैं.
  • गरुड़ (Garud): वायु सेना की एलीट कमांडो यूनिट भी इस एक्शन में शामिल है.


घबराया पाकिस्तान, अपना एयरस्पेस किया बंद

'त्रिशूल' अभ्यास की भव्यता को देखते हुए पाकिस्तान स्पष्ट रूप से घबरा गया है. जवाब में, इस्लामाबाद ने अपने हवाई क्षेत्र (airspace) के कई सेक्टरों को बंद कर दिया है.

शनिवार को, पाकिस्तान के उड्डयन अधिकारियों ने एक नोटम (NOTAM) या 'नोटिस टू एयरमेन' जारी किया, जिसमें अपने मध्य और दक्षिणी हवाई क्षेत्र में कई हवाई यातायात मार्गों पर 48 घंटों के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया.

लेकिन, 'त्रिशूल' के पैमाने से घबराए पाकिस्तान ने यह अभ्यास शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही इस नोटम का दायरा और बढ़ा दिया. अब पाकिस्तान का लगभग अधिकांश हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया है.

यह कदम भारत द्वारा जारी किए गए नोटम के बाद उठाया गया. भारत ने गुरुवार (30 अक्टूबर) की आधी रात से सोमवार (10 नवंबर) की रात 11:59 बजे तक अपने हवाई क्षेत्र को 28,000 फीट की ऊंचाई तक प्रतिबंधित करने की घोषणा की थी.

कुल मिलाकर, 'त्रिशूल' सिर्फ एक रूटीन अभ्यास नहीं है, बल्कि पाकिस्तान को एक कड़ा संदेश है कि भारत अपनी सीमाओं पर किसी भी उकसावे की कार्रवाई का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 30, 2025 01:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).