मिडिल ईस्ट में बढ़ता संघर्ष: ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत से किया इनकार, 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' के तहत सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य संघर्ष का आज पांचवां दिन है. ईरान के वरिष्ठ नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि वे अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं करेंगे. वहीं, इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने इराक, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर बड़े पैमाने पर जवाबी हमले करने का दावा किया है.
तेहरान: मिडिल ईस्ट (Middle East) में तनाव लगातार गहराता जा रहा है. संघर्ष के पांचवें दिन ईरान (Iran) ने अपना रुख कड़ा करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वह अमेरिका (US) के साथ किसी भी प्रकार की वार्ता के मूड में नहीं है. दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) के वरिष्ठ सहयोगी मोहम्मद मुख़बर (Mohammad Mokhber) ने सरकारी टीवी पर घोषणा की कि ईरान आवश्यकता पड़ने तक इस युद्ध को जारी रखने के लिए तैयार है.
इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (Islamic Revolution Guards Corps) (IRGC) ने इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए संयुक्त हमलों के जवाब में 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' (Operation True Promise 4) के नए चरण की शुरुआत की है. IRGC के अनुसार, उनके ग्राउंड फोर्स ने 230 से अधिक असॉल्ट ड्रोन के माध्यम से इजरायली और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है.
IRGC का दावा है कि उन्होंने इराक के इरबिल और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है. इसके अतिरिक्त, उत्तरी इराक में कुछ आतंकी समूहों के मुख्यालयों को भी नष्ट करने का दावा किया गया है. बहरीन में स्थित एक प्रमुख अमेरिकी वायु सेना अड्डे को भी निशाना बनाने की खबरें हैं, जिससे वहां के कमान केंद्रों को गंभीर क्षति पहुंची है. यह भी पढ़ें: Mojtaba Khamenei Iran's Next Supreme Leader: खामेनेई के निधन के बाद बेटे मोजतबा खामेनेई को मिली बड़ी जिम्मेदारी, ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया
'आत्मरक्षा' का हवाला और हताहतों का दावा
ईरानी अधिकारियों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए इन हमलों को अपनी ‘वैध आत्मरक्षा’ (legitimate self-defence) करार दिया है. उनका कहना है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा की गई आक्रामकता के खिलाफ उन्हें अपना बचाव करने का पूरा अधिकार है. IRGC ने यह भी दावा किया है कि युद्ध के पहले दो दिनों में विभिन्न अमेरिकी ठिकानों पर हुए हमलों में 680 से अधिक अमेरिकी सैनिक हताहत हुए हैं. यह भी पढ़ें: Middle East Conflict: मिडिल ईस्ट के मुश्किल हालातों फंसे भारतीयों के लिए राहत, इंडिगो एयरलाइंस ने शुरू कीं विशेष 'रेस्क्यू' उड़ानें
साइबर हमले और अंतिम संस्कार की तैयारी
सैन्य हमलों के साथ-साथ साइबर मोर्चे पर भी तनाव बना हुआ है. 'हंडला' (Handala) नामक एक हैक्टिविस्ट समूह ने इजरायल के 'इंस्टीट्यूट ऑफ नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज' (INSS) को हैक करने और गोपनीय दस्तावेज व रिकॉर्डिंग हासिल करने का दावा किया है. समूह का कहना है कि वे जल्द ही इन संवेदनशील सूचनाओं को सार्वजनिक करेंगे.
दूसरी ओर, ईरान दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने की तैयारी कर रहा है. तेहरान के इमाम खुमैनी प्रार्थना स्थल पर आज रात से तीन दिवसीय विदाई समारोह शुरू होगा. प्रशासन जल्द ही अंतिम यात्रा (uneral procession) के कार्यक्रम और तिथि की घोषणा करेगा.