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चुनाव आयोग ने प्रियंका गांधी वाड्रा और अरविंद केजरीवाल को भेजा नोटिस, PM मोदी के खिलाफ बयान देने का है मामला

चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयान देने से जुड़ा है.

चुनाव आयोग ने प्रियंका गांधी वाड्रा और अरविंद केजरीवाल को भेजा नोटिस, PM मोदी के खिलाफ बयान देने का है मामला
Priyanka Gandhi, Arvind Kejriwal | FB

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयान देने से जुड़ा है. बीजेपी ने प्रियंका गांधी के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज करवाई थी. चुनाव आयोग ने प्रियंका गांधी को भेजे नोटिस में कहा है, ''आयोग को दिनांक 10.11.2023 (प्रतिलिपि संलग्न) के माध्यम से बीजेपी से एक शिकायत प्राप्त हुई है, जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि मध्य प्रदेश के सांवेर विधानसभा क्षेत्र में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए आपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में असत्यापित और गलत बयानबाजी की है, जो जनता को गुमराह करने और प्रधानमंत्री की छवि खराब करने की क्षमता रखता है. चुनाव आयोग के नोटिस के बावजूद असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने अकबर के खिलाफ अपने बयान का बचाव किया.

क्या कहा था प्रियंका गांधी ने?

चुनाव आयोग ने नोटिस में कहा, ''उक्त भाषण के वीडियो और मध्य प्रदेश के सीबीओ के माध्यम से प्राप्त ट्रांसक्रिप्ट के अनुसार, आपने निम्नलिखित बयान दिया है: ''मोदी जी जो यह बीएचईएल था, जिससे हमें रोजगार मिलते थे, जिससे देश आगे बढ़ रहा था, इसका आपने क्या किया, किसको दे दिया, बताएं मोदी जी किसको दे दिया, अपने बड़े-बड़े उद्योगपति मित्रों को क्यों दे दिया.''

अरविंद केजरीवाल को भी नोटिस

प्रियंका गांधी ने अलावा चुनाव आयोग ने आप संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी नोटिस भेजा है. चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को भी पीएम मोदी के खिलाफ अपमानजनक बयान के लिए नोटिस जारी किया है.

बीजेपी ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी कि आप पार्टी के आधिकारिक हैंडल पर पोस्ट किए गए दो ट्वीट में पीएम मोदी को अपमानजनक तरीके से दर्शाया गया है. चुनाव आयोग का कहना है, प्रथम दृष्टया में पोस्ट में आदर्श आचार संहिता के साथ-साथ कानून का उल्लंघन पाया गया है. उनसे 16 नवंबर तक स्पष्टीकरण देने को कहा गया है. जिसमें पूछा गया है कि आचार संहिता के साथ-साथ चुनाव और कानूनों के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए उनके खिलाफ उचित कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 14, 2023 09:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).