मुंबई के आरे मिल्क कॉलोनी में एक बुजुर्ग महिला को उसके पोते द्वारा कूड़े के ढेर में छोड़ देने का मामला सामने आया है. पीड़िता स्किन कैंसर (Skin Cancer) से पीड़ित है. इस अमानवीय घटना की जानकारी सामने आने के बाद नागपुर स्थित नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (NCI) ने मदद का हाथ बढ़ाया है और महिला के मुफ्त इलाज और चिकित्सकीय देखभाल की जिम्मेदारी ली है.
कूड़े के पास पाई गई महिला
यह घटना 23 जून को मिड-डे अखबार में प्रकाशित एक रिपोर्ट के जरिए उजागर हुई थी. रिपोर्ट के अनुसार, महिला को सड़क किनारे कूड़े के ढेर के पास गंभीर हालत में पाया गया. यह भी पढ़े: Cancer Patient Dumped in Garbage: मुंबई के आरे कॉलोनी में दिल दहला देने वाला मामला आया सामने, 60 वर्षीय कैंसर पीड़ित दादी को पोते ने कूड़े में फेंका
महिला का नाम यशोदा गायकवाड़
महिला की पहचान यशोदा गायकवाड़ (उम्र लगभग 60 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, यशोदा गायकवाड़ ने बताया कि उनके पोते ने उन्हें वहां छोड़ दिया, क्योंकि वह स्किन कैंसर से पीड़ित हैं और देखभाल की जिम्मेदारी से बचना चाहता था.
मामले में MHRC ने लिया स्वत संज्ञान
इस बीच, महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग (MHRC) ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए स्वतः जांच शुरू की है और संबंधित पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. वहीं मामले में मुंबई पुलिस भी केस दर्ज कर पीड़ित महिला के पोते के तलाश में जुटी हुई हैं.
समाज में आक्रोश
इस घटना की समाज के विभिन्न वर्गों और संगठनों द्वारा कड़ी निंदा की जा रही है.लोगों का कहना है कि यह न केवल एक पारिवारिक विफलता है, बल्कि एक मानवीय अपराध भी है। साथ ही पीड़िता को न्याय और गरिमामय इलाज दिलाने की मांग उठाई जा रही है.













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