UP Madrasa Syllabus Change: योगी सरकार का बड़ा फैसला! UP के मदरसों में अब पढ़ाई जाएगी हिंदी, अंग्रेजी, साइंस और मैथ, मान्यता के लिए भी लागू होंगे नए नियम
उत्तर प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त मदरसों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को केवल धार्मिक तालीम ही नहीं, बल्कि साइंस, मैथ, हिंदी और इंग्लिश जैसे आधुनिक विषयों की पढ़ाई भी करनी होगी.
UP Madrasa Syllabus Change: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मदरसा शिक्षा को नया और आधुनिक रूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. अब राज्य के सभी मान्यता प्राप्त मदरसों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को केवल धार्मिक तालीम ही नहीं, बल्कि साइंस, मैथ, हिंदी और इंग्लिश जैसे आधुनिक विषयों की पढ़ाई भी करनी होगी. सरकार का मकसद है कि मदरसा छात्र भी प्रतियोगी परीक्षाओं और मुख्यधारा की शिक्षा में बराबरी से हिस्सा ले सकें. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने साफ कर दिया है कि अब मदरसा शिक्षा सिर्फ उर्दू और अरबी तक सीमित नहीं रहेगी.
नए नियमों के तहत हिंदी, इंग्लिश, गणित और विज्ञान जैसे विषय अनिवार्य कर दिए जाएंगे. इससे छात्रों की शैक्षिक योग्यता और करियर के अवसरों में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है.
मदरसा बोर्ड एक्ट में होगा बदलाव
सरकार ने 'यूपी बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन एक्ट 2004' में संशोधन करने की तैयारी भी शुरू कर दी है. इस बदलाव से पाठ्यक्रम में सुधार के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर रहेगा. सरकार चाहती है कि मदरसे भी दूसरे स्कूलों की तरह शिक्षा का आधुनिक केंद्र बनें. पाठ्यक्रम में बदलाव के साथ-साथ सरकार ने मदरसों के आधारभूत ढांचे को दुरुस्त करने का भी प्लान बनाया है.
सभी मान्यता प्राप्त मदरसों को अब बेहतर कक्षाएं, साफ-सुथरे पीने के पानी की व्यवस्था, फर्नीचर, लाइब्रेरी और अन्य शैक्षिक संसाधन मुहैया कराने होंगे. सरकार ने इस पर सख्त निर्देश भी जारी कर दिए हैं.
अब मार्कशीट भी होगी डिजिटल
सरकार ने मदरसा छात्रों की मार्कशीट को डिजिटल करने का भी फैसला लिया है. इससे छात्रों को अपने दस्तावेज़ कभी भी ऑनलाइन मिल सकेंगे, और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बनी रहेगी. यह एक बड़ी तकनीकी पहल मानी जा रही है. प्रदेश के लगभग 16,000 मान्यता प्राप्त मदरसे इस फैसले से सीधे तौर पर प्रभावित होंगे.
यह बदलाव मदरसा शिक्षा को सिर्फ धार्मिक दायरे से निकालकर एक समावेशी और करियर उन्मुख रूप देने की दिशा में अहम कदम है.
शिक्षा विशेषज्ञों की सराहना
शिक्षा विशेषज्ञों और समाज के कई वर्गों ने योगी सरकार के इस फैसले की सराहना की है. उनका मानना है कि इससे समाज में समावेशिता बढ़ेगी और मदरसा छात्र भी आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे.