राजस्थान के इस स्कूल में उर्दू की जगह छात्रों को अब पढ़ाई जाएगी संस्कृत, सरकार के फैसले पर गरमाई सियासत
Sanskrit Education in Rajasthan School: राजस्थान सरकार के फैसले के बाद शिक्षा विभाग ने जयपुर के एक सरकारी स्कूल में पढ़ाए जा रहे उर्दू की जगह संस्कृत पढ़ाए जाने का आदेश दिया हैं. जिस आदेश के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है और लोग विरोध करना शुरू कर दिए हैं. सरकार की तरह से यह आदेश 10 फरवरी को महात्मा गांधी सरकारी स्कूल (RAC बैटालियन) को दिया गया, जिसमें बताया गया कि यह निर्णय शिक्षा मंत्री मदन दिलावर (Education Minister Madan Dilawar) के विशेष सहायक जय नारायण मीना के कार्यालय से विभाग को भेजे गए एक पत्र के आधार पर लिया गया है.
शिक्षा विभाग की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि मंत्री ने संस्कृत शिक्षकों के पदों की सृजन और उर्दू कक्षाओं को बंद करने का आदेश दिया है. इसलिए, कृपया अपनी स्कूल में संस्कृत को तीसरी भाषा के रूप में शुरू करने के लिए पूरा प्रस्ताव इस कार्यालय में भेजें. यह भी पढ़े: VIDEO: ‘कर्नाटक सरकार में संस्कृति मंत्री हैं, लेकिन कन्नड़ भाषा नहीं जानते’, सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए मिनिस्टर Shivaraj Tangadagi, बीजेपी ने भी साधा निशाना
सफाई में क्या कहा गया
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के ओएसडी सतीश गुप्ता ने कहा कि यह आदेश इसलिए जारी किया गया क्योंकि उस स्कूल में उर्दू को तीसरी भाषा के रूप में चुनने वाले छात्रों की संख्या पर्याप्त नहीं थी. इसलिए यह फैसला लिया गया.
सरकार का फैसला तूल पकड़ने और शिक्षकों द्वारा विरोध जताए जाने के बीच, शिक्षा मंत्री ने मीडिया से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि दिलावर के निर्देशों पर इस तरह का कोई आदेश जारी नहीं किया गया था.
कांग्रेस ने राजस्थान सरकार को घेरा
सरकार के इस फैसले पर कांग्रेस ने प्रदेश की सरकार पर हमला किया है. कांग्रेस विधायक रफीक खान ने इसे भेदभाव की नीति करार देते हुए चेतावनी दी है कि इस मुद्दे पर सदन से लेकर कोर्ट तक लड़ाई लड़ी जाएगी. उनका कहना है कि संस्कृत टीचर का पद सृजित करना है तो करें, लेकिन उर्दू को बंद नहीं किया जाना चाहिए.
127 बच्चे वैकल्पिक भाषा के रूप में उर्दू पढ़ रहे हैं
प्रदेश के इस स्कूल में फिलहाल 323 बच्चे पढ़ रहे हैं। इनमें से 127 बच्चे वैकल्पिक भाषा के रूप में उर्दू पढ़ रहे हैं और 17 बच्चे संस्कृत। उर्दू के शिक्षक डेप्युटेशन पर लगाए गए थे, लेकिन छह महीने बाद वे अपने मूल विद्यालय में लौट गए। जिसके बाद इस स्कूल में उर्दू पढ़ाने वाला अब कोई शिक्षक नहीं है.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 18, 2025 11:20 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

