Earthquake in Nicobar Islands: निकोबार द्वीप समूह में भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 4.6 रही तीव्रता; तड़के सो रहे लोगों में मची अफरातफरी
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

Earthquake in Nicobar Islands: अंडमान और निकोबार द्वीप (Andaman And Nicobar Island) समूह के निकोबार क्षेत्र में सोमवार तड़के भूकंप (Earthquake) के मध्यम झटके महसूस किए गए. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (National Center for Seismology) यानी एनसीएस (NCS) के अनुसार, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.6 मापी गई. यह भूकंप सुबह करीब 3:31 बजे आया, जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे. झटके महसूस होते ही कई इलाकों में लोग सुरक्षा की दृष्टि से अपने घरों से बाहर निकल आए.

NCS द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र 9.03 उत्तर अक्षांश और 92.78 पूर्व देशांतर पर स्थित था. भूकंप की गहराई जमीन से मात्र 10 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई है. वैज्ञानिकों के अनुसार, कम गहराई (Shallow) पर आने वाले भूकंप गहरे भूकंपों की तुलना में अधिक खतरनाक होते हैं क्योंकि इनकी ऊर्जा को सतह तक पहुंचने में कम दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे जमीन में कंपन तेज होता है. यह भी पढ़ें: Earthquake in Assam: असम में फिर भूकंप, 3.9 तीव्रता के झटके से लोग सहमे, तीन दिन में दूसरी बार आया

सीस्मिक जोन-V: अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह भारत के सीस्मिक ज़ोन-V (Seismic Zone - V) में आता है. भारतीय भूकंपीय मानचित्र के अनुसार, यह श्रेणी सबसे अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों के लिए निर्धारित की गई है.

  • दुनिया के सक्रिय क्षेत्र: यह द्वीप समूह दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक है.
  • इतिहास: यहां अतीत में कई विनाशकारी भूकंप आए हैं. 26 दिसंबर, 2004 को आया महाविनाशकारी भूकंप इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जिसने न केवल भूमि के बड़े हिस्से को विस्थापित किया, बल्कि जानलेवा 'सुनामी' भी पैदा की थी.

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भूकंप

प्रशासनिक सतर्कता और प्रभाव

निदेशालय आपदा प्रबंधन (Directorate of Disaster Management) के अनुसार, वर्तमान भूकंप के बाद फिलहाल किसी बड़े नुकसान या सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई है. हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. राहत की बात यह है कि तीव्रता मध्यम होने के कारण इमारतों या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचने की तत्काल कोई रिपोर्ट नहीं मिली है.

भूकंप विशेषज्ञों का कहना है कि इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहाँ अक्सर छोटे और मध्यम तीव्रता के झटके आते रहते हैं, जो बड़े भूकंपों के खतरे को कम करने या कभी-कभी उनकी पूर्व चेतावनी के रूप में काम करते हैं.