लॉकडाउन के बीच आम आदमी के लिए खुशखबरी, सस्ता हुआ LPG रसोई गैस सिलेंडर- जानें नई कीमत
केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस महामारी को फैलने से रोकने के लिए भारत में 14 अप्रैल तक पूर्ण लॉकडाउन का ऐलान किया है. लॉकडाउन के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े इसलिए सरकार कई ऐलान कर रही है. इसी कड़ी में सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (ndian Oil Corporation) ने एलपीजी गैस सिलिंडर यानी बिना सब्सिडी वाले रसोई गैस की कीमतों में कटौती का ऐलान किया है. इस कटौती के बाद अब दिल्ली में LPG सिलिंडर का दाम 61.50 रुपये घटकर 744.00 रुपये और मुंबई में 62 रुपये घटकर 714.50 रुपये के कीमत में अब लोगों को मिलेगा. वहीं चेन्नई में 761.50 रुपये चुकाना पड़ेगा. 19 किलोग्राम LPG रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में भी कटौती की गई है. पहले गैस सिलेंडर की कीमत 1,381.50 रुपये थी लेकिन कटौती के बाद 1,285.50 रुपये पर आ गई है.
केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस महामारी को फैलने से रोकने के लिए भारत में 14 अप्रैल तक पूर्ण लॉकडाउन का ऐलान किया है. लॉकडाउन के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े इसलिए सरकार कई ऐलान कर रही है. इसी कड़ी में सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (Indian Oil Corporation) ने एलपीजी गैस सिलिंडर यानी बिना सब्सिडी वाले रसोई गैस की कीमतों में कटौती का ऐलान किया है. इस कटौती के बाद अब दिल्ली में LPG सिलिंडर का दाम 61.50 रुपये घटकर 744.00 रुपये और मुंबई में 62 रुपये घटकर 714.50 रुपये के कीमत में अब लोगों को मिलेगा. वहीं चेन्नई में 761.50 रुपये चुकाना पड़ेगा. 19 किलोग्राम LPG रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में भी कटौती की गई है. पहले गैस सिलेंडर की कीमत 1,381.50 रुपये थी लेकिन कटौती के बाद 1,285.50 रुपये पर आ गई है.
अगर 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का दाम पर नजर डालें तो दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में घटकर क्रमश 1,285.50 रुपये, 1,348.50 रुपये, 1,234.50 रुपये और 1,402 रुपये प्रति सिलेंडर हो गया है. इसके साथ चारों महानगरों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में क्रमश 96 रुपये, 101.50 रुपये, 96.50 रुपये, 99.50 रुपये प्रति सिलेंडर की कटौती की गई है.
गौरतलब हो कि इससे पहले सरकार ने देश में उत्पादित प्राकृतिक गैस के बिक्री मूल्य में 26 प्रतिशत की बड़ी कटौती किया था. जिसके बाद 2014 में घरेलू गैस का मूल्य निर्धारण फार्मूला आधारित बनाये जाने के बाद दाम सबसे निम्न स्तर पर आ गये हैं. लेकिन इससे ओएनजीसी जैसी गैस उत्पादक कंपनियों के राजस्व में भारी कमी आने की आशंका है.