BMC Appeal to Citizens: बारिश के चलते पहाड़ियों और ढलानों के पास रहनेवाले नागरिकों की जान को खतरा, बीएमसी ने की सुरक्षित स्थानों पर जाने की लोगों से अपील
Credit-(Wikimedia commons)

मुंबई, महाराष्ट्र: मुंबई में मॉनसून की आहट के साथ ही खतरे की घंटी बज चुकी है. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने विक्रोली (पूर्व-पश्चिम) और घाटकोपर (पश्चिम) जैसे पहाड़ी और ढलान वाले क्षेत्रों में रहने वाले हजारों झोपड़पट्टीवासियों से तत्काल सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित होने की अपील की है. प्रशासन ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि किसी प्राकृतिक आपदा में जान-माल की हानि होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित लोगों की होगी, BMC जिम्मेदार नहीं मानी जाएगी. मुंबई के कई इलाकों में लोग उंची ढलानों पर और पहाड़ियों पर घर बनाकर रहते है. कई वर्षों से ये लोग यहां रहते है.

बारिश के चलते ऐसी जगहों पर भूस्खलन का भी खतरा बढ़ जाता है. बताया जा रहा है कि बीएमसी ने ऐसी जगहों पर रहनेवाले नागरिकों को नोटिस भी जारी किया है.ये भी पढ़े:Mumbai Weather Update: मुंबई में भारी बारिश को लेकर IMD की चेतावनी, 24 मई तक शहर के लिए येलो अलर्ट जारी

किन इलाकों में सबसे अधिक खतरा?

नगरपालिका के ‘एन’ विभाग द्वारा जिन इलाकों में भूस्खलन, दरारें या ढलान की वजह से भारी खतरा बताया गया है, उनमें ये नाम शामिल हैं. इनमें विक्रोली पार्कसाइट,विक्रोली (पश्चिम),घाटकोपर (पश्चिम),वर्षानगर,रामनगर,संजय गांधी नगर,राहुल नगर,गणेश नगर,खंडोबा टेकड़ी,आजाद नगर,सोनिया गांधी नगर,प्रेम नगर,आनंद नगर. इन जगहों पर सावधानी के नोटिस भी दिए जा चुके है.

नोटिस मिलने के बावजूद कई लोग नहीं हुए सतर्क

प्रशासन की मानें तो इन इलाकों में पहले ही चेतावनी पत्र चिपकाए जा चुके हैं, लेकिन कई लोग अभी भी झोपड़ियों में रह रहे हैं.अगर आप अब भी नहीं हटते, तो किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने पर प्रशासन को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाएगा,ऐसा साफतौर पर ‘एन’ विभाग के सहायक आयुक्त ने कहा है.

मानसून में होंगे कई खतरे

  • पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की आशंका
  • झोंपड़ियों का पानी में बह जाने का खतरा
  • नालों के उफान से अचानक बाढ़ जैसे हालात
  • कमजोर दीवारों और छतों के गिरने की संभावना
  • मलबे के साथ मिट्टी बहकर घरों को नुकसान पहुंचा सकती है