उत्तराखंड में मंदिरों के लिए ड्रेस कोड लागू, युवतियों के छोटे कपड़े पहनकर प्रवेश पर रोक
महंत ने युवतियों और महिलाओं के साथ उनके परिजनों से भी अपील की है कि वे शरीर को कम से कम 80 प्रतिशत तक ढककर ही मंदिरों में आएं. उन्होंने बताया कि दक्षिण भारत और महाराष्ट्र के मंदिरों में तो यह व्यवस्था पहले से ही लागू है.
हरिद्वार: देवभूमि उत्तराखंड के तीन बड़े मंदिरों में महिलाओं और युवतियों के लिए ड्रेस कोड लागू किया गया है. इन तीनों मंदिरों में महिलाएं और युवतियां छोटे कपड़े पहनकर नहीं आ सकती हैं. दरअसल, हरिद्वार के दक्ष, पौड़ी के नीलकंठ और देहरादून के टपकेश्वर महादेव मंदिर में महिलाओं के छोटे कपड़े पहनकर आने पर प्रतिबंध लगाया गया है. मंदिर प्रबंधन की तरफ से अपील की गई है कि वो मर्यादित ड्रेस कोड में ही मंदिर में आएं.
ये तीनों मंदिर महानिवार्णी अखाड़े के आधीन आते हैं. पहला मंदिर हरिद्वार के कनखल में स्थित दक्ष प्रजापति मंदिर और दूसरा पौड़ी जिले में स्थित नीलकंठ महादेव का मंदिर है. वहीं तीसरा मंदिर देहरादून में स्थित टपकेश्वर महादेव मंदिर है. Monsoon Update 2023: मानसून के आने में होगी देरी, केरल में 8 जून को हो सकती है एंट्री, बारिश को लेकर IMD का अलर्ट जारी
महानिवार्णी अखाड़े की तरफ से महिलाओं और युवतियों के अपील की गई है कि अगर वो मंदिर पूजा पाठ के लिए आ रही हैं, तो भारतीय सभ्यता के अनुसार कपड़े पहन कर आएं. तभी उन्हें मंदिर में प्रवेश मिलेगा. महानिवार्णी अखाड़े के सचिव और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने बताया कि अखाड़े की ओर से मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि देवालय एक आत्मरंजन का स्थान है न कि मनोरंजन का.
महंत ने युवतियों और महिलाओं के साथ उनके परिजनों से भी अपील की है कि वे शरीर को कम से कम 80 प्रतिशत तक ढककर ही मंदिरों में आएं. उन्होंने बताया कि दक्षिण भारत और महाराष्ट्र के मंदिरों में तो यह व्यवस्था पहले से ही लागू है. अब यह व्यवस्था यहां भी लागू की जा रही है, ताकि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी असहज स्थिति का सामना न करना पड़े. यूपी के भी कई मंदिरों ने इस तरह के नियम लागू किए गए हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 04, 2023 07:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

