WB Ganga River: पश्चिम बंगाल के मालदा में गंगा का रौद्र रूप, तेज बहाव में समाया 150 साल पुराना शिव मंदिर; देखें VIRAL VIDEO
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में गंगा नदी के तेज कटाव और बढ़ते जलस्तर के कारण करीब 150 साल पुराना ऐतिहासिक शिव मंदिर नदी में समा गया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने स्थानीय निवासियों में भारी चिंता पैदा कर दी है.
WB Ganga River: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के रतुआ-1 ब्लॉक स्थित मुनिराम टोला में गंगा नदी के भीषण कटाव के कारण करीब 150 साल पुराना शिव मंदिर ताश के पत्तों की तरह ढहकर नदी में समा गया. बिहार से आए पानी के कारण गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव ने मंदिर की नींव को पूरी तरह खोखला कर दिया था. इस घटना के समय मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने इसका वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
सेकंडों में जमींदोज हुई ऐतिहासिक इमारत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर का ढांचा अचानक एक तरफ झुका और देखते ही देखते नदी की गहराई में गायब हो गया. वर्षों पुराने इस धार्मिक स्थल को नदी में समाते देख वहां उपस्थित ग्रामीण और श्रद्धालु भावुक हो उठे. इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है, क्योंकि नदी का कटाव लगातार रिहाइशी क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है.
मालदा में गंगा का रौद्र रूप
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में मां गंगा का रौद्र रूप देखने को मिला। तेज बहाव के बीच करीब 150 साल पुराना शिव मंदिर नदी में समा गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। #Malda #WestBengal #GangaRiver pic.twitter.com/HCreqzxTuZ
— NBT Hindi News (@NavbharatTimes) September 8, 2026
सालों से बना हुआ था कटाव का खतरा
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह ऐतिहासिक मंदिर पिछले एक वर्ष से अधिक समय से नदी के कटाव के खतरे का सामना कर रहा था. प्रशासन द्वारा पूर्व में बनाए गए अस्थायी तटबंधों ने कुछ समय के लिए कटाव को रोका था, लेकिन इस बार गंगा नदी के विकराल रूप के आगे वे टिक नहीं सके. बुजुर्ग ग्रामीणों के अनुसार, दशकों पहले गंगा नदी मंदिर से कई किलोमीटर दूर बहती थी, लेकिन धीरे-धीरे भूमि कटाव के चलते नदी मंदिर के बिल्कुल करीब आ पहुंची.
क्षेत्र में बाढ़ और कटाव से स्थिति गंभीर
मालदा जिले में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से स्थिति गंभीर बनी हुई है. रतुआ, मानिकचक और भुटनी द्वीप जैसे इलाकों में कटाव के कारण सैकड़ों एकड़ उपजाऊ भूमि, बाग-बगीचे और कई आवासीय घर नदी में समा चुके हैं. प्रशासन ने प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में भेजना शुरू कर दिया है.
राहत और बचाव कार्य जारी
राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्रियां बांटी जा रही हैं और तटबंधों को मजबूत करने का प्रयास जारी है. हालांकि, लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण बचाव टीमों को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों ने सरकार से स्थायी कटाव-रोधी उपाय करने की मांग की है ताकि उनके घर और कृषि भूमि सुरक्षित रह सकें.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 08, 2026 02:59 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

