Delhi Police: स्पेशल सेल ने तीन दिन के भीतर रंगदारी के एक अंधे मामले को सुलझा लिया है, 2 गिरफ्तार
स्पेशल सेल (South Western Range) के डीसीपी इंजीत प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपियों की पहचान दिनेश कुमार साह और किशोर के रूप में हुई है, जिन्होंने बहादुर सिंह रावत नाम के एक व्यापारी से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी.
नई दिल्ली, 27 मार्च: दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की स्पेशल सेल ने घटना के तीन दिन के भीतर रंगदारी के एक अंधे मामले को सुलझा लिया है और गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है. स्पेशल सेल (South Western Range) के डीसीपी इंजीत प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपियों की पहचान दिनेश कुमार साह और किशोर के रूप में हुई है, जिन्होंने बहादुर सिंह रावत नाम के एक व्यापारी से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी. यह भी पढ़ें: Delhi: रोहिणी इलाके में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में एक व्यक्ति गिरफ्तार, पुलिस की टीम ने इलाके में एक जाल बिछाकर पकड़ा
मंगोलपुरी के रहने वाले किशोर ने दिनेश को गैंगस्टर नीरज बवाना के नाम का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया था, जो उसी इलाके का है. इस संबंध में शुरू में ख्याला थाने में मामला दर्ज किया गया था, लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मामले की जांच स्पेशल सेल को ट्रांसफर कर दी गई.
डीसीपी ने कहा, "हमने इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच की और आरोपी द्वारा इस्तेमाल की जा रही स्कूटी की पहचान की. इसके बाद वाहन के स्वामित्व की जांच की गई और वही दिनेश कुमार साह के नाम पर पंजीकृत पाया गया. स्कूटी की तलाश की गई और मानव संसाधन और तकनीकी निगरानी की मदद से इसके मालिक की पहचान की गई और आखिरकार वाहन का पता लगा लिया गया."
गिरफ्तारी के बाद किशोर ने खुलासा किया कि स्कूटी दिनेश की थी जो इस अपराध का मास्टरमाइंड था. इसके बाद दिनेश को पीरागढ़ी से गिरफ्तार किया गया. डीसीपी ने कहा, "लंबी पूछताछ और कॉल विवरण रिकॉर्ड के विश्लेषण के बाद पता चला कि शिकायतकर्ता एक एमसीबी निर्माण फर्म, एलिक्सिर इंजीनियरिंग एंड इलेक्ट्रिकल इंडस्ट्रीज का मालिक है. दिनेश भी 'एसएएच एंटरप्राइजेज' चलाने वाले उसी व्यवसाय में है."
उन्होंने कहा, "करीब 10 साल पहले दिनेश शिकायतकर्ता बहादुर सिंह रावत की फर्म में मजदूर के तौर पर काम करता था और बाद में छोटी-छोटी बातों पर उसने नौकरी छोड़ दी. दुश्मनी और लालच के चलते दिनेश ने अपने मजदूर किशोर के साथ मिलकर बहादुर से पैसे ऐंठने की साजिश रची."