देश

Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट ने मानहानि मामले में उद्धव ठाकरे, संजय राउत और अन्य को समन जारी किया

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट के नेता राहुल रमेश शेवाले ने मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें यह समन जारी किया गया है. शेवाले ने कुछ बयानों के लिए तीनों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करवाया था. शिवसेना (यूबीटी) ने आरोप लगाया गया था कि शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट ने 2,000 करोड़ रुपये में पार्टी का चुनाव चिन्ह खरीदा.

Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट ने मानहानि मामले में उद्धव ठाकरे, संजय राउत और अन्य को समन जारी किया

नई दिल्ली, 28 मार्च: दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को मानहानि मामले में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, सांसद संजय राउत और विधायक आदित्य ठाकरे को समन जारी किया. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट के नेता राहुल रमेश शेवाले ने मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें यह समन जारी किया गया है. शेवाले ने कुछ बयानों के लिए तीनों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करवाया था. शिवसेना (यूबीटी) ने आरोप लगाया गया था कि शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट ने 2,000 करोड़ रुपये में पार्टी का चुनाव चिन्ह खरीदा. यह भी पढ़ें:

शेवाले की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव नायर ने अदालत से अनुरोध किया कि उन्हें आगे कोई मानहानि करने से रोकने के लिए निषेधाज्ञा पारित की जाए. न्यायमूर्ति प्रतीक जालान ने कहा कि पक्षकारों की प्रतिक्रिया आने के बाद ही कोई आदेश पारित किया जाएगा. अदालत ने कहा कि मिस्टर नैयर, मैं एक पल के लिए यह टिप्पणी नहीं कर रहा हूं कि आरोप सही हैं या गलत. इसने गूगल और ट्विटर सहित प्रतिवादियों की प्रतिक्रिया भी मांगी है. न्यायमूर्ति जालान ने मामले की अगली सुनवाई 17 अप्रैल को सूचीबद्ध की.

मंगलवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि ये राजनीतिक झगड़े चल रहे हैं. जहां तक संस्थाओं का सवाल है, उन्हें अपने लिए खड़ा होना होगा. इन सब से निपटने के लिए चुनाव आयोग के कंधे काफी चौड़े हैं. जैसे अदालतें, लोग अदालतों के बारे में तरह-तरह की बातें करते हैं. नायर द्वारा न्यायाधीश से यह पूछे जाने पर कि क्या प्रतिवादियों का आचरण उनकी अंतरात्मा को झकझोरता है, न्यायमूर्ति जालान ने कहा, सवाल यह है कि क्या कोई व्यक्ति मेरी अंतरात्मा को झकझोरने का हकदार है?

सवाल यह नहीं है कि यह मेरी अंतरात्मा को झकझोरता है या नहीं. सवाल यह है कि विचारों के मुक्त बाजार में क्या लोगों को ऐसी बातें कहने का अधिकार है जो मेरी अंतरात्मा को झकझोर सकती हैं? अंतत: उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होना ही पड़ेगा. अदालत ने कहा कि वह समन जारी करने के इस स्तर पर प्रथम ²ष्टया निष्कर्ष देने से पहले प्रतिवादियों को एक अवसर देना चाहती है और जवाब जनना चाहती है.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 28, 2023 05:05 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).