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दिल्ली सरकार ने वोकेशनल कोर्सेस को व्यावहारिक, सम्मानजनक और रोजगार परक बनाने का रखा लक्ष्य

दिल्ली सरकार अब वोकेशनल कोर्सेस के प्रति समाज का नजरिया बदलने का प्रयास करेगी. अब दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय में इन कोर्सेस को डिग्री से जोड़ा जाएगा. शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बारहवीं में शानदार प्रदर्शन करने वाले वोकेशनल कोर्सेस के स्टूडेंट्स के साथ संवाद किया.

दिल्ली सरकार ने वोकेशनल कोर्सेस को व्यावहारिक, सम्मानजनक और रोजगार परक बनाने का रखा लक्ष्य
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Sarkari Niyukti/ Facebook)

नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) सरकार अब वोकेशनल कोर्सेस (Vocational Courses) के प्रति समाज का नजरिया बदलने का प्रयास करेगी. अब दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय में इन कोर्सेस को डिग्री से जोड़ा जाएगा. शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने बारहवीं में शानदार प्रदर्शन करने वाले वोकेशनल कोर्सेस के स्टूडेंट्स के साथ संवाद किया. उन्होंने कहा, "आप लोग जब शानदार नौकरी या व्यवसाय करेंगे, तो अन्य स्टूडेंट्स आपको रोल मॉडल और उदाहरण के रूप में देखेंगे. वोकेशनल कोर्सेस को कमतर आंकने की प्रवृत्ति से बाहर निकलना होगा. विकसित देशों में इन कोर्सेस को काफी सम्मान की नजर से देखा जाता है."

सिसोदिया ने कहा, "दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय का उद्देश्य वोकेशनल कोर्सेस को व्यावहारिक, सम्मानजनक और रोजगार परक बनाना है. आगामी तीन चार साल में वोकेशनल कोर्सेस को काफी उपयोगी और सम्मानित बनाने का लक्ष्य है."कोविड-19 :  कुछ हफ्तों में दिल्ली की समूची आबादी को टीका लगाने के लिये पर्याप्त ढांचा

दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय में किस प्रकार के कोर्सेस हों, इस पर आप सभी स्टूडेंट्स, टीचर्स और पेरेंट्स के सुझाव काफी उपयोगी होंगे. दिल्ली सरकार का मानना है कि एक बार जब वोकेशनल कोर्सेस के जरिये यूनिवर्सिटी की डिग्री का रास्ता खुल जाएगा, तो इन कोर्सेस का महत्व काफी बढ़ जाएगा.

दिल्ली कौशल और उद्यमिता विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. निहारिका वोहरा ने कहा, "जर्मनी, फिनलैंड जैसे देशों में वोकेशनल कोर्स को सकारात्मक देखा जाता है. हम डिग्री और डिप्लोमा कोर्स के जरिये स्टूडेंट्स को नौकरी के साथ उद्यमी बनने के लिए भी तैयार करेंगे."

इस दौरान अभिभावकों, प्रिंसिपल्स, शिक्षकों तथा कालका जी से विधायक आतिशी ने भी विचार व्यक्त किए. वोकेशनल स्टूडेंट्स ने अपने अनुभव शेयर करते हुए कहा कि इन कोर्सेस से उन्हें काफी सीखने को मिल रहा है. एसकेवी, गांधीनगर की छात्रा एकता शर्मा ने कहा कि जब मैंने वोकेशनल कोर्स लिया तो सब मजाक उड़ाते थे. अब वही लोग मुझे बधाई देकर कह रहे हैं कि तुम्हें उपमुख्यमंत्री का निमंत्रण मिल गया.

जीएसएसएस, अशोक नगर की छात्रा तुष्टि अरोड़ा ने कहा कि मुझे उद्यमी बनना है. ऑफिस मैनेजमेंट कोर्स से मुझे इसमें काफी मदद मिली. वह अपने पिता के हैंडिक्राफ्ट बिजनेस को अगले स्तर पर ले जाना चाहती हैं. तुष्टि ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि वोकेशनल स्टडीज को लेकर लोगों की सोच में बदलाव आएगा.

एसकेवी जनकपुरी की कंवलजीत कौर ने वेब एप्लीकेशन कोर्स लिया था. उनके पिता ड्राइवर हैं. कहती हैं कि मैं बैंकिंग में कोर्स करना चाहती हूं, क्योंकि बैंक में काम करना मेरा सपना है.

उपमुख्यमंत्री के साथ संवाद में ब्यूटी एंड वेलनेस, बैंकिंग एवं इंश्योरेंस, टाइपोग्राफी एंड कंप्यूटर एप्लिकेशन, ऑफिस प्रोसीजर, शॉर्टहैंड, टेक्सटाइल डिजाइन एवं फैशन स्टडीज, वेब एप्लिकेशन जैसे वोकेशनल विषयों के स्टूडेंट्स शामिल थे.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 27, 2020 09:35 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).