Delhi Air Quality: दिल्ली में हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर‘, हल्की बारिश से भी नहीं बदले हालात

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता मंगलवार को 'गंभीर' स्तर पर बनी रही. सुबह 7 बजे हल्की बारिश के बावजूद हवा का औसत एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 401 रहा.

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नई दिल्ली, 24 दिसंबर : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता मंगलवार को 'गंभीर' स्तर पर बनी रही. सुबह 7 बजे हल्की बारिश के बावजूद हवा का औसत एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 401 रहा. दिल्ली में सबसे खराब हवा की गुणवत्ता बवाना स्टेशन पर रही, जहां एक्यूआई 455 दर्ज किया गया. वहीं, इहबास दिलशाद गार्डन स्टेशन पर सबसे कम एक्यूआई 222 रहा, जो "खराब" श्रेणी में आता है. रोहिणी (451), आनंद विहार (442), और पंजाबी बाग (431) जैसे इलाकों में भी हवा की गुणवत्ता "गंभीर" रही. शादीपुर में एक्यूआई 360 रहा, जो "बहुत खराब" श्रेणी में आता है.

वहीं, दिल्ली में आज सुबह ठंड बढ़ी. सुबह 5:30 बजे न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. हल्की बारिश और तापमान में गिरावट के कारण सर्दी और बढ़ गई. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कोहरे के लिए पीला अलर्ट जारी किया है और साथ ही हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई है. मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली में अधिकतम तापमान 20 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. यह भी पढ़ें : Majhi Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र में ‘लाडली बहनों’ के खाते में 1500 या 2100 रुपये आएंगे? 6वीं क़िस्त के पैसे ट्रांसफर की प्रकिया आज से हो सकती है शुरू!

कुछ इलाकों में घना कोहरा था, जिससे लोगों को देखने में काफी परेशानी हुई. 16 दिसंबर से पूरे एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के चरण 4 के तहत कड़े उपायों को लागू किया गया, लेकिन इसके बावजूद हवा की गुणवत्ता बहुत खराब बनी हुई है. ग्रेप के इस चरण के उपाय प्रदूषण को कम करने के लिए सबसे सख्त होते हैं.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, अगर एक्यूआई 401 से 450 के बीच होता है, तो उसे "गंभीर" माना जाता है और अगर एक्यूआई 450 से ऊपर होता है, तो उसे "गंभीर प्लस" श्रेणी में रखा जाता है. प्रदूषण की वजह से लोगों को सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन की शिकायत की. घने कोहरे और जहरीली हवा के कारण दिल्ली के लोगों के लिए जिंदगी मुश्किल हो गई है और कई लोग इस समस्या का हल निकालने के लिए कड़े और प्रभावी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं.

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