COVID-19: कोरोना फिर बढ़ा रहा टेंशन, जानें किन लोगों को है सबसे अधिक खतरा? ऐसे करें बचाव

डॉक्टरों के अनुसार इस बार मामलों में बढ़ोतरी के पीछे ओमिक्रॉन के नए सब-वैरिएंट्स का हाथ है—जैसे LF7, XFG, NB.1.8.1 और विशेष रूप से JN.1. यह वैरिएंट तेज़ी से फैल रहा है और इसकी पहचान करना थोड़ा कठिन हो सकता है.

Representational Image | PTI

नई दिल्ली: देश में एक बार फिर से COVID-19 के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में सक्रिय कोरोना मामलों की संख्या 4 हजार पार कर चुकी है. सबसे ज्यादा मामले केरल में सामने आए हैं, इसके बाद महाराष्ट्र, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में भी संख्या बढ़ रही है. हालांकि राहत की बात यह है कि इस बार मौतों की संख्या कम बनी हुई है.

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नई लहर के पीछे क्या वजह है?

डॉक्टरों के अनुसार इस बार मामलों में बढ़ोतरी के पीछे ओमिक्रॉन के नए सब-वैरिएंट्स का हाथ है—जैसे LF7, XFG, NB.1.8.1 और विशेष रूप से JN.1. यह वैरिएंट तेज़ी से फैल रहा है और इसकी पहचान करना थोड़ा कठिन हो सकता है क्योंकि इसका इन्क्यूबेशन पीरियड (संक्रमण से लक्षण दिखने का समय) छोटा होता है.

किसे है सबसे ज्यादा खतरा?

डॉक्टरों ने साफ तौर पर कहा है कि कुछ खास समूहों के लिए यह बढ़ती लहर ज्यादा खतरनाक हो सकती है:

बुजुर्ग लोग (60 वर्ष से ऊपर)

बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए संक्रमण घातक साबित हो सकता है.

पहले से बीमार लोग

जिन लोगों को पहले से किसी न किसी तरह की गंभीर बीमारी है, उनके लिए COVID-19 संक्रमण ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है. इसमें वे लोग शामिल हैं जिन्हें फेफड़ों की समस्या जैसे अस्थमा या क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) है, या फिर डायबिटीज, हृदय रोग, किडनी की बीमारी या कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां रही हैं.

बच्चे और कमजोर इम्युनिटी वाले लोग

बच्चों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पहले से ही कमजोर होती है, जिससे संक्रमण जल्दी और गंभीर रूप से असर डाल सकता है.

कैसे पहचानें COVID के नए लक्षण?

हालिया मामलों में अधिकतर लक्षण हल्के हैं, लेकिन निम्न बातों का ध्यान रखें:

क्या बरतें सावधानी?

डॉक्टरों का कहना है कि भले ही लक्षण हल्के हों, लेकिन लापरवाही नहीं करनी चाहिए. खासकर बुजुर्ग और बीमार लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी.

क्या करें?

याद रखें कि “COVID खत्म नहीं हुआ है, सिर्फ रूप बदल रहा है. हमें अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर उन लोगों के लिए जो ज्यादा खतरे में हैं.” हालांकि इस बार मामले गंभीर नहीं हैं, लेकिन वायरस की प्रकृति बदल रही है और कमजोर वर्गों के लिए यह अभी भी खतरनाक हो सकता है. इसलिए जागरूक रहें, सावधान रहें और किसी भी लक्षण को हल्के में न लें.

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