NH Collapse in Kerala: केरल में भ्रष्टाचार की शर्मनाक तस्वीर सामने आई है. मलप्पुरम जिले में हाल ही में बना नेशनल हाईवे-66 (NH-66) का एक हिस्सा पहली ही बारिश में धंस गया. करोड़ों की लागत से बनी ये सड़क इतनी कमजोर निकली कि बारिश की कुछ बूँदें भी नहीं झेल सकी. अब केंद्र सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाए हैं. सूत्रों के मुताबिक, जिस निर्माण कंपनी KNR कंस्ट्रक्शन ने इस हिस्से का काम किया था, उसे डिबार (ब्लैकलिस्ट) कर दिया गया है.
इसके साथ ही निर्माण कार्य की देखरेख कर रही कंसल्टिंग फर्म और दो सरकारी अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया गया है. जांच में पाया गया कि एम्बैंकमेंट (बांध जैसी नींव) के निर्माण में लापरवाही बरती गई, जिसकी वजह से ये हादसा हुआ.
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पहली बारिश में ही धंस गया नेशनल हाईवे
केरल ने तो गजब भ्रष्टाचार हुआ है. ये नेशनल हाईवे हाल ही में बना था, जो पहली बारिश में ही धंस गया. pic.twitter.com/w4MKOVZUL2
— Priya singh (@priyarajputlive) May 23, 2025
अफसर सस्पेंड, कंपनी ब्लैक लिस्टेड
इस मामले में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के सांसद ई.टी. मोहम्मद बशीर ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. इसके बाद बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने बयान दिया कि गडकरी ने उन्हें बताया कि दोषी ठेकेदार को पहले ही ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है और हुए नुकसान की भरपाई कंपनी से ही करवाई जाएगी.
हालांकि, इस घटना ने राजनीतिक तूफान भी खड़ा कर दिया है. केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री और केरल से बीजेपी सांसद सुरेश गोपी ने आरोप लगाया कि प्रोजेक्ट रिपोर्ट में बार-बार बदलाव किए गए, जिससे कुछ हिस्सों में अव्यवहारिक निर्माण हुआ. वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता वी. मुरलीधरन ने कहा कि राज्य सरकार ने ही जमीन अधिग्रहण कर मार्ग तय किया था, तो क्या उसने पर्यावरणीय अध्ययन करवाया था? उन्होंने पूछा कि अगर सरकार अब तक इस परियोजना का श्रेय ले रही थी, तो फिर जिम्मेदारी क्यों नहीं ले रही?
एनएच-66 के निर्माण कार्य पर लगी रोक
उधर, राज्य के लोक निर्माण मंत्री पी.ए. मोहम्मद रियास ने कांग्रेस पर पलटवार किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मौके को हाईवे प्रोजेक्ट को पटरी से उतारने के लिए इस्तेमाल कर रही है. बता दें कि रियास पहले यह कह चुके हैं कि राज्य सरकार खुद हाईवे निर्माण की निगरानी कर रही है, इसलिए अब उन पर भी सवाल उठ रहे हैं.
फिलहाल, एनएच-66 का निर्माण कार्य रोक दिया गया है और दोषियों पर कार्रवाई की जा रही है. विशेषज्ञों की टीम ने मौके का दौरा कर जांच शुरू कर दी है और केंद्र सरकार ने कहा है कि जल्द ही दोबारा निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा.













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