मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में जांच करने गई आशा कार्यकर्ता को मारी चप्पल, खींचे बाल- आरोपी गिरफ्तार
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमित मरीजों की संख्या में बीते कुछ दिनों में तेजी से बढ़ी है. इस बीच टीकमगढ़ (Tikamgarh) से एक शर्मनाक घटना सामने आई है.
भोपाल: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमित मरीजों की संख्या में बीते कुछ दिनों में तेजी से बढ़ी है. इस बीच टीकमगढ़ (Tikamgarh) से एक शर्मनाक घटना सामने आई है. यहां नरगुंडा गांव (Nargunda village) में एक आशा कार्यकर्ता (Asha Worker) के साथ बीते बुधवार को कथित रूप से बदसलूकी की गई. इस मामलें में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
टीकमगढ़ (ग्रामीण) के स्टेशन हाउस अधिकारी ने बताया कि आशा कार्यकर्ता पर हमला करने वाले आरोपी राजेंद्र अहिरवार (Rajendra Ahirwar) को नरगुंडा गांव में आशा कार्यकर्ता के साथ दुर्व्यवहार करने के लिए गिरफ्तार किया गया है. आशा कार्यकर्ता एक मेडिकल टीम के साथ गांव में लोगों की जांच करने के लिए गई थी. मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस सक्रमित मरीजों में आई कमी: CM शिवराज सिंह चौहान
Accused, Rajendra Ahirwar has been arrested for attacking and misbehaving with the Asha worker in Nargunda village when she along with a medical team had gone to carry out medical checkup in the village: M Farroqui, Station House Officer, Rural Tikamgarh, Madhya Pradesh (30.4) https://t.co/b0MEWuofbC pic.twitter.com/EwLoTJWBbx
— ANI (@ANI) May 1, 2020
न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए आशा कार्यकर्ता रामदेवी अहिरवार (Ramdevi Ahirwar) ने कहा कि आरोपी ने उन्हें अपने चप्पल से मारा और बाल खींचे और फिर धक्का देकर जाने के लिए कहा. जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई. मध्य प्रदेश में कोविड-19 के संक्रमितों की संख्या 2,560 हुई, 130 लोगों की जान गई
उल्लेखनीय है कि देश में कोरोन वायरस के प्रकोप के बीच चिकित्साकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ हिंसा की कई घटनाएं सामने आ रही है. देश के कई क्षेत्रों से खासकर स्वास्थ्यर्मियों पर हमले एवं उन्हें परेशान किये जाने की घटनाओं की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी निंदा करते रहे हैं. जिसके चलते केंद्र सरकार ने एक अध्यादेश लाया, जिसमें कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में शामिल स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ हिंसा और उनके उत्पीड़न को संज्ञेय और गैर जमानती अपराध बनाया गया है. साथ ही इस जुर्म के लिये अधिकतम सात साल कैद और 5 लाख रुपये के जुर्माने की सजा का प्रावधान भी है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 01, 2020 12:33 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

