Coronavirus: कोरोना वायरस को लेकर फैली इन अफवाहों पर न करें विश्वास, जानें इनकी सच्चाई
कोविड-19 के प्रकोप के चलते देश में 21 दिवसीय लॉकडाउन है. इस बीच कोरोना वायरस को लेकर लगातार सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं, जिन पर आंख बंद करके भरोसा करना घातक साबित हो सकता है, इसलिए उनकी सत्यता के बारे में जानने आवश्यक है.
Coronavirus: चीन (China) के वुहान (wuhan)से फैला कोरोना वायरस (Coronavirus) दुनिया भर में कोहराम मचा रहा है. कोविड-19 (COVID-19) की चपेट में आने से दुनिया भर में अब तक करीब 64 हजार लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 12 लाख से अधिक लोग इससे संक्रमित बताए जा रहे हैं. भारत में भी कोरोना वायरस संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, इसलिए इसकी रोकथाम के लिए पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने 21 दिन का लॉकडाउन (Lockdown) किया है. हालांकि कोरोना वायरस का प्रकोप जितनी तेजी से बढ़ रहा है, उतनी ही तेजी से सोशल मीडिया पर अफवाहों (Fake News) का बाजार भी गर्म है.
कोरोना वायरस को लेकर लगातार सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं, जिन पर आंख बंद करके भरोसा करना घातक साबित हो सकता है, इसलिए उनकी सत्यता के बारे में जानना आवश्यक है. चलिए जानते हैं कोविड-19 के इलाज को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहें और उनकी सच्चाई.
1- सांस रोकने वाली अफवाह
अफवाह- अगर आप बिना किसी असुविधा के 10 सेकेंड से अधिक समय तक अपनी सांस रोक सकते हैं तो इसका मतलब है कि आप संक्रमण से मुक्त हैं.
सच्चाई- बिनी किसी असुविधा के 10 सेकेंड से अधिक समय तक सांस रोक कर रखना इस बात को साबित नहीं करता है कि आप कोरोना वायरस से संक्रमित हैं या नहीं. यह भी पढ़ें: Coronavirus: क्या भारत कोरोना वायरस संक्रमण के तीसरे चरण में है? जानें COVID-19 महामारी के इस दौर में किस स्टेज पर है हिंदुस्तान?
2- विटामिन सी और संक्रमण से बचाव
अफवाह- विटामिन सी युक्त चीजों का सेवन करने से कोरोना वायरस संक्रमण को ठीक करने में मदद मिलती है.
सच्चाई- विटामिन सी युक्त आहार से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है.
3- करेले के रस से कोरोना का इलाज
अफवाह- सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि करेले के रस से कोरोना वायरस का इलाज संभव है.
सच्चाई- करेले का रस सेहत के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन इसका कोई सबूत उपलब्ध नहीं है कि इससे कोरोना वायरस का इलाज हो सकता है.
4- एक कटोरी लहसुन से कोरोना का इलाज
अफवाह- दावा किया जा रहा है कि चीनी वैज्ञानिक के अनुसार एक कटोरी लहसुन में कोरोना वायरस का इलाज मौजूद है.
सच्चाई- एक कटोरी लहसुन से कोरोना वायरस का इलाज संभव है? इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है.
5- कुछ घंटे तक ही जीवित रहता है कोरोना वायरस
अफवाह- सोशल मीडिया पर एक वायरल मैसेज में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस कुछ ही घंटों तक जीवित रह सकता है.
सच्चाई- कोरोना वायरस कुछ घंटों से लेकर कई दिनों तक जीवित रह सकता है, क्योंकि विभिन्न परिस्थितियों में वायरस के जीवित रहने की क्षमता अलग-अलग होती है. यह भी पढ़ें: बदल लीजिए अपनी ये आदतें, वरना घर में रहते हुए भी आप हो सकते हैं COVID-19 संक्रमण के शिकार
6- कोरोना के इलाज में एंटीबायोटिक्स प्रभावी
अफवाह- कोरोना वायरस के इलाज और इस वायरस के संक्रमण को रोकने में एंटीबायोटिक्स प्रभावी हैं.
सच्चाई- एंटीबायोटिक्स से केवल आम जीवाणुओं का इलाज किया जा सकता है, इससे कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज नहीं किया जा सकता.
गौरतलब है कि कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया पर ढेरों फेक मैसेजेस और वीडियो वायरल हो रहे हैं, लेकिन उन पर भरोसा करने से पहले ये जरूरी है कि हम उनकी सत्यता की जांच कर लें.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 05, 2020 10:33 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

