Bijapur Naxal Attack: महुआ बिनने गई थी जंगल, IED पर पैर रखते ही हुआ धमाका; नक्सलियों की कायराना हरकत से महिला की मौत
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में रविवार को नक्सलियों द्वारा लगाए गए उन्नत विस्फोटक उपकरण (आईईडी) में धमाका होने से उसकी चपेट में आकर 40 वर्षीय एक आदिवासी महिला की मौत हो गई.
Bijapur Naxal Attack: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में रविवार को नक्सलियों द्वारा लगाए गए उन्नत विस्फोटक उपकरण (आईईडी) में धमाका होने से उसकी चपेट में आकर 40 वर्षीय एक आदिवासी महिला की मौत हो गई. पुलिस ने यह जानकारी दी. एक अधिकारी ने बताया कि विस्फोट शाम करीब साढ़े पांच बजे उसूर पुलिस थाना क्षेत्र के बोट्टामरका हिल्स पर हुआ, जहां पीड़ित महिला महुआ का फल इकट्ठा करने गई थी. उन्होंने बताया कि उसूर गांव के सोढ़ीपारा निवासी सुशीला सोढ़ी का पैर गलती से आईईडी पर पड़ गया, जिससे उसमें धमाका हो गया.
अधिकारी ने बताया कि उसे गंभीर चोटें आईं और उसे उसूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
IED धमाकों में सात ग्रामीण मारे गए
इस घटना के साथ ही, बीजापुर जिले में जनवरी 2024 से हुए आईईडी धमाकों में सात ग्रामीण मारे गए हैं और छह अन्य घायल हुए हैं. माओवादी अक्सर बस्तर क्षेत्र के अंदरूनी इलाकों में गश्त कर रहे सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाने के लिए सड़कों, कच्ची पगडंडियों और जंगलों में आईईडी लगाते हैं. बस्तर क्षेत्र में बीजापुर समेत सात जिले शामिल हैं.
पुलिस ने बताया कि पहले भी माओवादियों द्वारा बिछाए गए बारूदी सुरंगों की चपेट में आम लोग और मवेशी आ चुके हैं. बीजापुर के भैरमगढ़ थाना अंतर्गत बोड़गा गांव के पास शनिवार को इसी तरह के विस्फोट में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी.
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