‘Chor Machaye Shor’ in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में अजीबो-गरीब चोरी, अंबिकापुर कांग्रेस जिला कार्यालय से 72 नल चोरी,  चोरों ने जाते-जाते 'लव यू' नोट छोड़ गए

‘Chor Machaye Shor’ in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला मुख्यालय अंबिकापुर से एक बेहद अजीबोगरीब चोरी का मामला सामने आया है. यहां गांधी चौक (घड़ी चौक) के पास स्थित कांग्रेस के जिला मुख्यालय 'राजीव भवन' को चोरों ने एक बार फिर अपना निशाना बनाया है. इस बार अज्ञात चोरों ने दफ्तर के वॉशरूम में तोड़फोड़ करते हुए वहां लगे करीब 72 कीमती स्टील और ब्रास के नलों (टोटियों) पर हाथ साफ कर दिया. हैरान करने वाली बात यह है कि चोरों ने वारदात को अंजाम देने के बाद जाते-जाते फर्श पर जमी धूल पर 'आई लव यू अंबिकापुर' का संदेश भी लिखा. इस घटना के बाद से स्थानीय राजनीति गरमा गई है और कांग्रेस ने शहर की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं.

VIP  इलाके में तसल्ली से की चोरी

यह पूरी वारदात शहर के एक बेहद व्यस्त और वीआईपी सुरक्षा क्षेत्र में हुई. कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, चोरों ने बेहद सफाई और इत्मीनान से वॉशरूम के सभी नलों को निकाला. तोड़फोड़ के कारण बेसिन और फ्लश सिस्टम को भी काफी नुकसान पहुंचा है, जिससे पार्टी कार्यालय को करीब 80 हजार से 1 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है. चोरों के इस तरीके से साफ पता चलता है कि उन्हें पुलिस गश्त या पकड़े जाने का कोई डर नहीं था.  यह भी पढ़े: लखनऊ में अजीबो-गरीब मामला, 47 साल चला 180 रुपये की जमीन का मुकदमा, कानूनी लड़ाई में खर्च हुए 16 लाख; फिर हक में आया फैसला

घटना की जानकारी मिलते ही कांग्रेस जिला अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने राजीव भवन का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया और कहा कि यह केवल एक साधारण चोरी नहीं है, बल्कि अपराधियों द्वारा पुलिस और प्रशासन का सरेआम उड़ाया गया मजाक है.

दो साल में तीसरी बार सुरक्षा में बड़ी चूक

पार्टी पदाधिकारियों ने बताया कि राजीव भवन में सुरक्षा चूक का यह कोई पहला मामला नहीं है. पिछले दो वर्षों के भीतर इस परिसर में चोरी की यह तीसरी घटना है. इससे पहले भी इस कार्यालय को निशाना बनाया जा चुका है, लेकिन पिछली प्राथमिकियों (FIR) पर पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई या बड़ा खुलासा नहीं हो सका है.

जिला अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने आशंका जताई है कि इस वारदात के पीछे स्थानीय स्तर पर सक्रिय नशेड़ी या असामाजिक तत्व हो सकते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि शहर के मुख्य चौक पर स्थित एक प्रमुख राजनीतिक दल के कार्यालय में बार-बार चोरी होना कानून व्यवस्था के खोखलेपन को उजागर करता है. यदि विपक्षी दल का मुख्यालय ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता होना स्वाभाविक है.

पुलिस ने शुरू की जांच

राजीव भवन नियमित रूप से वरिष्ठ नेताओं की बैठकों और रणनीतिक गतिविधियों का मुख्य केंद्र रहता है, इसके बावजूद रात के समय इसकी सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. घटना की लिखित शिकायत मिलने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

पुलिस की एक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है. आरोपियों की पहचान के लिए फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों और स्थानीय सर्विलांस टीम की मदद ली जा रही है. इसके साथ ही गांधी चौक और उसके आसपास के चौराहों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि संदिग्धों का सुराग लगाया जा सके.