Who Will Be Mumbai’s Next Mayor? मुंबई का अगला मेयर कौन? लॉटरी में महिला वर्ग आरक्षण की घोषणा के बाद बढ़ी राजनीतिक गहमागहमी

मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अगले महापौर के लिए आरक्षण की स्थिति साफ हो गई है. आरक्षण लॉटरी के बाद अब यह पद 'महिला सामान्य' (General Women) वर्ग के लिए आरक्षित होगा, जिसके बाद बीजेपी और शिवसेना के बीच मेयर की कुर्सी को लेकर हलचल तेज हो गई है.

(Photo Credits WC)

Who Will Be Mumbai’s Next Mayor?  देश की सबसे अमीर नगर निकाय, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अगले मेयर की तस्वीर अब साफ होने लगी है. गुरुवार को राज्य के शहरी विकास विभाग द्वारा निकाली गई आरक्षण लॉटरी में मुंबई के महापौर का पद 'सामान्य महिला' (Open Category Women) वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है. इस घोषणा के साथ ही बीजेपी, शिवसेना (शिंदे गुट) और शिवसेना (UBT) के बीच मेयर की कुर्सी को लेकर खींचतान और लॉबिंग का नया दौर शुरू हो गया है.

लॉटरी के बाद बदले समीकरण

मंत्रालय में आयोजित इस लॉटरी प्रक्रिया ने उन सभी कयासों पर विराम लगा दिया है जिसमें इसे ओबीसी या अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने की संभावना जताई जा रही थी. अब यह स्पष्ट है कि बीएमसी सदन की अगली 'प्रथम नागरिक' सामान्य वर्ग से आने वाली एक महिला पार्षद होंगी. यह भी पढ़े: Mayor Reservation Lottery: मुंबई की BMC में होगी महिला मेयर? ठाणे और पनवेल समेत अन्य शहरों की स्थिति जानें

बहुमत का जादुई आंकड़ा 114

चूंकि हाल ही में संपन्न हुए बीएमसी चुनावों में बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और उसके सहयोगी दल (शिंदे गुट) के पास 29 सीटें हैं, ऐसे में महायुति (118 सीटें) के पास बहुमत का जादुई आंकड़ा (114) मौजूद है.

मेयर की रेस में ये नाम सबसे आगे

महिला आरक्षण की घोषणा के बाद बीजेपी और शिंदे गुट के भीतर महिला चेहरों की तलाश तेज हो गई है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बीजेपी अपने किसी अनुभवी चेहरे को मौका दे सकती है:

राजनीतिक खींचतान और विपक्षी रणनीति

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) के पास 65 सीटें हैं. हालांकि संख्या बल उनके पक्ष में नहीं है, लेकिन वे किसी निर्दलीय या छोटे दलों के साथ मिलकर महायुति के लिए चुनौती पेश करने की कोशिश कर सकते हैं. सूत्रों के अनुसार, विपक्षी खेमा यह देख रहा है कि क्या महायुति के भीतर 'मेयर' और 'डिप्टी मेयर' के पदों के बंटवारे को लेकर कोई असंतोष पैदा होता है, जिसका लाभ उठाया जा सके.

आगे की प्रक्रिया क्या होगी?

मुंबई का मेयर न केवल शहर का चेहरा होता है, बल्कि 2029 के विधानसभा चुनावों से पहले बीएमसी पर नियंत्रण रखना किसी भी पार्टी के लिए राजनीतिक शक्ति का बड़ा प्रतीक है.

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