CCPA Investigation: अमेजन, फ्लिपकार्ट और मीशो समेत कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर सीसीपीए का शिकंजा, बिना रजिस्ट्रेशन बिक रही थी ‘साइक्लोसिनोन हर्बिसाइड’

कीटनाशक अधिनियम 1968 की धारा 18 के तहत बिना रजिस्ट्रेशन वाले किसी भी कीटनाशक को बेचना, स्टॉक करना, वितरित करना, परिवहन करना या उपयोग करना कानूनन प्रतिबंधित है. शिकायत में यह भी कहा गया है कि प्रोडक्ट लिस्टिंग और प्रचार सामग्री में सक्रिय तत्व (Active Ingredient) और सटीक रासायनिक संरचना जैसी जरूरी जानकारी नहीं दी गई थी. इससे खासकर किसानों को सुरक्षा और उपयोग संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी नहीं मिल पा रही थी.

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CCPA Probes Amazon, Flipkart, Meesho Over Sale Of ‘Unregistered’ Herbicide Cyclosinone: भारत के उपभोक्ता अधिकार नियामक केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने शनिवार को अमेजन, फ्लिपकार्ट, मीशो और जियोमार्ट जैसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ जांच शुरू कर दी है. आरोप है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर साइक्लोसिनोन हर्बिसाइड (Cyclosinone Herbicide) नामक एक कथित रूप से बिना रजिस्ट्रेशन वाला कृषि रसायन बेचा और प्रमोट किया जा रहा था. उपभोक्ता मामले विभाग के तहत काम करने वाले सीसीपीए ने इन कंपनियों को नोटिस जारी कर उनके ड्यू डिलिजेंस सिस्टम और सुरक्षा उपायों के बारे में जवाब मांगा है. साथ ही प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया गया है कि वे इस उत्पाद की सभी लिस्टिंग तुरंत हटाएं. यह भी पढ़ें: What is Flipkart Minutes: ब्लिंकिट, ज़ेप्टो और इंस्टामार्ट को टक्कर देगा 'फ्लिपकार्ट मिनट्स', जानें इसके बारे में सबकुछ

आधिकारिक बयान के अनुसार, कंपनियों ने नियामक को जानकारी दी है कि संबंधित प्रोडक्ट लिस्टिंग हटा दी गई हैं और उससे जुड़े विक्रेता खातों की जांच की जा रही है. मामले की फिलहाल विस्तृत जांच जारी है.

बताया गया है कि साइक्लोसिनोन हर्बिसाइड को ऑनलाइन खरपतवार नियंत्रण करने वाले रसायन के रूप में बेचा जा रहा था. इसका इस्तेमाल खेतों, बागानों, लॉन और अन्य स्थानों पर अवांछित घास और पौधों को खत्म करने के लिए किया जाता है. हालांकि, अधिकारियों ने इसकी वैधता और सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं. आरोप है कि यह उत्पाद जरूरी नियामक मंजूरी के बिना बेचा जा रहा था.

सीसीपीए ने ई-कॉमर्स कंपनियों से यह भी पूछा है कि यह उत्पाद पहली बार कब लिस्ट हुआ था, कितने समय तक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहा, जनवरी 2024 से अब तक इसकी कितनी लिस्टिंग हुईं और इससे जुड़े विक्रेताओं का पूरा विवरण क्या है.

इसके अलावा, नियामक ने यह जानकारी भी मांगी है कि खतरनाक रसायनों की ऑनलाइन बिक्री से जुड़े कानूनों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कंपनियां कौन-सी अनुपालन और ड्यू डिलिजेंस प्रणाली अपनाती हैं.

यह जांच कृषि मंत्रालय के जरिए भेजी गई शिकायत के बाद शुरू हुई. यह शिकायत क्रॉप केयर फेडरेशन ऑफ इंडिया ने की थी. फेडरेशन का आरोप है कि “Cyclosinone Herbicide” को ऑनलाइन बेचा और प्रमोट किया जा रहा था, जबकि यह कीटनाशक अधिनियम 1968 के तहत पंजीकृत नहीं है.

कीटनाशक अधिनियम 1968 की धारा 18 के तहत बिना रजिस्ट्रेशन वाले किसी भी कीटनाशक को बेचना, स्टॉक करना, वितरित करना, परिवहन करना या उपयोग करना कानूनन प्रतिबंधित है. शिकायत में यह भी कहा गया है कि प्रोडक्ट लिस्टिंग और प्रचार सामग्री में सक्रिय तत्व (Active Ingredient) और सटीक रासायनिक संरचना जैसी जरूरी जानकारी नहीं दी गई थी. इससे खासकर किसानों को सुरक्षा और उपयोग संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी नहीं मिल पा रही थी.

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