VIDEO: दिल्ली के सरोजिनी नगर मार्केट में आधी रात को गरजा बुलडोजर, NDMC ने 150 दुकानों का हटाया अतिक्रमण; बिना नोटिस कार्रवाई का लगा आरोप
दिल्ली की मशहूर सरोजिनी नगर मार्केट में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब शनिवार और रविवार की दरमियानी रात नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) की टीम ने अचानक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया.
Sarojini Nagar Market Bulldozer Action: दिल्ली की मशहूर सरोजिनी नगर मार्केट में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब शनिवार और रविवार की दरमियानी रात नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) की टीम ने अचानक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया. रात 11:30 बजे से लेकर 1 बजे तक चले इस ऑपरेशन में NDMC की टीम बुलडोजर लेकर पहुंची और करीब 150 दुकानों के बाहर लगे शेड, साइनबोर्ड और दुकानों के हिस्से तोड़ दिए गए. अब दुकानदारों ने NDMC के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है. वे प्रदर्शन करने और नगर परिषद से जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग करने वाले हैं.
दुकानदारों का कहना है कि सिर्फ उन्हें टारगेट किया जा रहा है, जबकि कई जगहों पर ऐसे ही निर्माण को नजरअंदाज किया जा रहा है. नतीजा साफ है – NDMC और व्यापारियों के बीच टकराव अभी और बढ़ सकता है.
आधी रात में NDMC का बुलडोजर चला सरोजिनी नगर मार्केट पर
मार्केट एसोसिएशन का क्या कहना है?
सरोजिनी नगर मिनी मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक रंधावा ने NDMC पर गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने कहा, “दुकानें बंद होने के बाद बुलडोजर चलाया गया. हमें कोई नोटिस नहीं दिया गया था. अगर हम बीच में ना आते तो और ज्यादा नुकसान हो जाता.” उनका कहना है कि मार्केट में शेड और साइनबोर्ड आम बात हैं, जो दुकानों और ग्राहकों को धूप और बारिश से बचाने के लिए लगाए जाते हैं.
इसी तरह, मार्केट एसोसिएशन के महासचिव अशोक कालरा ने NDMC की कार्रवाई को ‘अनावश्यक और अन्यायपूर्ण’ बताया. उन्होंने कहा, “हमारी हाल ही में NDMC के अधिकारियों से बैठक हुई थी, लेकिन किसी ने यह नहीं बताया कि इस तरह की सख्त कार्रवाई की योजना है.”
NDMC ने दी सफाई
NDMC ने अपने बयान में इस ऑपरेशन को जायज ठहराया और कहा कि यह अभियान सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए चलाया गया है. उनका दावा है कि फुटपाथ और सार्वजनिक जगहों पर अनधिकृत निर्माण हटाने से सुरक्षा और आवाजाही बेहतर होगी.
NDMC के मुताबिक, भीड़भाड़ वाले इलाकों में रात के समय कार्रवाई करना ज्यादा प्रभावी होता है, जिससे यातायात और आम लोगों को परेशानी ना हो.
मार्केट की अहमियत और पुराना विवाद
सरोजिनी नगर मार्केट 1951 से दिल्ली की पहचान रही है. यहां सस्ती और ट्रेंडी चीजों के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं. मार्केट में मुख्य बाज़ार, बाबू मार्केट, मिनी मार्केट और ठरेजा स्ट्रीट वेंडर्स ज़ोन मिलाकर कुल करीब 450 से ज्यादा दुकानें और स्टॉल हैं.
लेकिन बीते कई सालों से यहां अवैध निर्माण, छतों पर गोदाम, और अग्निसुरक्षा उल्लंघन जैसे मुद्दों को लेकर लगातार शिकायतें होती रही हैं. दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियां पहले भी NDMC को इन मुद्दों पर कार्रवाई के लिए कह चुकी हैं.