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बिहार के गांवों में कोरोना का तांडव, मुजफ्फरपुर में 27 दिन में 36 ग्रामीणों की मौत, हरकत में आया प्रशासन

बिहार (Bihar) में कोरोना वायरस संक्रमण से लोगों की मौत का सिलसिला जारी है. हालांकि बिहार में कोरोना की दूसरी लहर में अब मरीजों की संख्या कम हुई है, लेकिन महामारी तेजी से ग्रामीण इलाकों में अपना पैर पसार रही है. ग्रामीण इलाकों में मरीज सही इलाज, ऑक्सीजन, दवा के अभाव से दम तोड़ रहे है. सूबे के कई ऐसे गांव है जहां बीते कुछ हफ्तों में कोविड-19 जैसे लक्षणों वाले दर्जनों लोगों की जान गई है.

बिहार के गांवों में कोरोना का तांडव, मुजफ्फरपुर में 27 दिन में 36 ग्रामीणों की मौत, हरकत में आया प्रशासन
कोरोना की जांच करवाता ग्रामीण (Photo Credits: PTI/File Photo)

पटना: बिहार (Bihar) में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण से लोगों की मौत का सिलसिला जारी है. हालांकि बिहार में कोरोना की दूसरी लहर में अब मरीजों की संख्या कम हुई है, लेकिन महामारी तेजी से ग्रामीण इलाकों में अपना पैर पसार रही है. ग्रामीण इलाकों में मरीज सही इलाज, ऑक्सीजन, दवा के अभाव से दम तोड़ रहे है. सूबे के कई ऐसे गांव है जहां बीते कुछ हफ्तों में कोविड-19 जैसे लक्षणों वाले दर्जनों लोगों की जान गई है. बिहार में कोरोना वायरस से 111 और की मौत, 6286 नए मामले प्रकाश में आए

बिहार के मुजफ्फरपुर (Muzzafarpur) के सकरा ब्लॉक (Sakra Block) में 27 दिन में 36 ग्रामीणों की मौत होने से दहशत का माहौल है. सकरा ब्लॉक के गांवों में सन्नाटा पसरा है. लोग महामारी के बीच सड़कों पर निकलने से बच रहे हैं. सरपंच का कहना है कि सभी मृतक लोगों को सर्दी और खांसी हुई थी.

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए सरपंच ने कहा “यहां 27 दिन में खांसी-जुकाम से 36 मौतें हुई हैं. मैंने कोविड-19 टेस्ट के लिए ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी को सूचित किया था लेकिन किट नहीं उपलब्ध नहीं थी. फिर मैंने तब डीएम साहब से कोरोना टेस्ट किट देने और मौतों के कारणों का पता लगाने का अनुरोध किया था. जिसके बाद किट उपलब्ध करा दी गई है और कोरोना टेस्ट किया जा रहा है.”

उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमण को बिहार के गांवों में फैलने से रोकने के लिए बिहार सरकार अब ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सेवा लेगी. इन प्रशिक्षित ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को कोरोना मरीजों की पहचान और होम आइसोलेशन में इलाजरत रोगियों के सहयोग के काम में लगाया जाएगा. इन्हें सूचक सह ट्रीटमेंट सपोर्टर कहा जायेगा. राज्य सरकार इन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रति मरीज 200 रुपये भुगतान करेगी.

इन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है. ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के संभावित खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इनसे सहयोग लेने का निर्देश दिया था. विभाग का कहना है कि इन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना मरीजों की ट्रैकिंग, ट्रेसिंग और जांच में स्वास्थ्य विभाग को सहायता मिलने के साथ-साथ पॉजिटिव मरीजों को भी तत्काल स्वास्थ्य सुविधाओं का पूरा लाभ मिल सकेगा.

बिहार में सोमवार की तुलना में मंगलवार को कोरोना संक्रमितों की संख्या में मामूली वृद्धि हुई है. राज्य में मंगलवार को 6,286 नए कोरोना संक्रमितों की पहचान हुई है, जबकि पिछले 24 घंटे में 111 संक्रमितों की मौत हो गई है.  सोमवार को राज्य में 5,920 कोरोना संक्रमित सामने आए थे, जबकि 96 संक्रमितों की मौत हुई थी. राज्य में 595377 मरीज संक्रमण मुक्त हो चुके हैं. राज्य में फिलहाल सक्रिय मरीजों की संख्या 64,698 पहुंच गई है. पिछले 24 घंटे के दौरान 11,174 संक्रमित कोरोना को मात देकर संक्रमणमुक्त हो गए हैं. राज्य में रिकवरी रेट 89.65 प्रतिशत दर्ज किया गया.

(The above story first appeared on LatestLY on May 19, 2021 09:15 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).