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ऋण देने में संकोच न करें बैंक, सरकार लाभार्थी को दिलाएगी प्रशिक्षण: मुख्यमंत्री योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बैंकों का सीडी रेशियो (ऋण जमानुपात) 58.59 फीसद होने पर प्रसन्नता जताते हुए आगामी वित्तीय वर्ष में इसे 65 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है.

ऋण देने में संकोच न करें बैंक, सरकार लाभार्थी को दिलाएगी प्रशिक्षण: मुख्यमंत्री योगी
CM Yogi Adityanath (Photo Credit: ANI)

लखनऊ, 21 फरवरी : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बैंकों का सीडी रेशियो (ऋण जमानुपात) 58.59 फीसद होने पर प्रसन्नता जताते हुए आगामी वित्तीय वर्ष में इसे 65 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. उन्होंने कहा कि बैंक ऋण देने में संकोच न करें, लाभार्थी को प्रशिक्षण सरकार दिलाएगी.

मुख्यमंत्री योगी ने बुधवार को राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में चालू वित्तीय वर्ष के दिसंबर 2023 में समाप्त तिमाही की समीक्षा करते हुए कहा कि हर जरूरतमंद और ऊर्जावान युवा को ऋण के रूप में वित्तीय प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के हमारे प्रयासों में बैंकों ने सराहनीय भूमिका निभाई है. ऋण मेलों का यह क्रम आगे भी सतत जारी रहे. बैंक लोन देने में संकोच न करें. इसके लिए बैंकों को हर संभव सहायता और सुरक्षा मुहैया कराएगी. यह भी पढ़ें : ‘अंहकार में देश का कर रहे हैं अपमान’, राहुल गांधी पर भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद का निशाना

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय साक्षरता का कवरेज सभी 75 जिलों तक करने के लिए मिशन मोड में काम करने का आह्वान किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपनी हर योजना में ऋण दिलाने से पहले लाभार्थी का प्रशिक्षण, क्षमता वृद्धि जरूर सुनिश्चित करायेगी.

राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'फैमिली आईडी' का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सभी बैंक, केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों का पूरा डेटा उपलब्ध करायें ताकि प्रदेश के हर परिवार की स्थिति का सही आकलन किया जा सके.

अटल पेंशन, जीवन ज्योति बीमा, जनधन सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री के विजन के अनुसार हर नागरिक को सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है. इस एक कार्यक्रम ने महिलाओं को सशक्त और स्वावलंबी बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है और यह फाइनेंशियल इनक्लूजन का शानदार उदाहरण बनकर उभरा है.

हालिया पेटीएम पेमेंट बैंक प्रकरण से उपजी स्थितियों से प्रभावित बीसी सखियों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने पर जोर दिया. बैंकों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कवरेज बढ़ाने और सीसीटीवी फुटेज को पुलिस व प्रशासन को आवश्यकतानुसार उपलब्ध कराने के लिए सुचारू व्यवस्था बनाने की जरूरत बताई.

उन्होंने कहा कि 2016-17 में प्रदेश में 12.80 लाख करोड़ का बैंकिंग बिजनेस था जो आज 26.80 लाख करोड़ के पार हो गया है. यह उत्साहजनक है. मुख्यमंत्री ने बड़ौदा-यूपी ग्रामीण बैंक और आर्यावर्त ग्रामीण बैंक को राज्यांश प्रदान किया, साथ ही 1.10 लाख किसान क्रेडिट कार्ड , 1,111 बैंकिंग आउटलेट का शुभारंभ और 10 बीसी सखियों को टूल किट वितरित किये. बैठक में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की सीजीएम निशा नाम्बियार की भी विशेष उपस्थिति रही. उन्होंने डिजिटल बैंकिंग के विस्तार पर जोर दिया.

मुख्यमंत्री ने बैंकर्स कमेटी की बैठक राज्य स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रत्येक तीन माह में और जनपद में प्रत्येक माह करने के निर्देश भी दिए. इस मौके पर समग्र ग्रामीण विकास कार्यक्रम के तहत एचडीएफसी बैंक द्वारा 150 वनटांगिया गांवों को अपनाने का प्रमाण पत्र भी प्राप्त किया गया. बैंक इन ग्रामों में 75 स्मार्ट क्लासेज का निर्माण के साथ ही विकास के अनेक कार्य कराएगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 21, 2024 02:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).