Attari Border Closed: अटारी-वाघा बॉर्डर बंद होने से महंगे होंगे ड्राई फ्रूट्स, अफगानिस्तान से बादाम, पिस्ता, किशमिश आना बंद
अटारी बॉर्डर भारत और अफगानिस्तान के बीच का एकमात्र चालू जमीनी रास्ता था. यहां से खासकर बादाम, पिस्ता, किशमिश और सूखे अंजीर बड़ी मात्रा में भारत आते हैं.
नई दिल्ली: 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है. इसी के चलते भारत ने अटारी-वाघा बॉर्डर को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है. जवाब में पाकिस्तान ने भी भारत के साथ सभी तरह के व्यापार को तुरंत निलंबित कर दिया है. चाहे वह सीधे भारत के साथ हो या किसी तीसरे देश के माध्यम से. इस फैसले से सबसे बड़ा असर भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाले ड्राय फ्रूट के व्यापार पर पड़ा है.
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अटारी बॉर्डर भारत और अफगानिस्तान के बीच का एकमात्र चालू जमीनी रास्ता था. यहां से खासकर बादाम, पिस्ता, किशमिश और सूखे अंजीर बड़ी मात्रा में भारत आते हैं. अफगानिस्तान के वाणिज्य और निवेश चैंबर (ACCI) के अनुसार, इस रास्ते से हर साल करीब 500 मिलियन डॉलर का व्यापार होता है.
ड्राय फ्रूट की कीमतें बढ़ने के पूरे आसार
वर्तमान वित्त वर्ष (2024-25, अप्रैल-जनवरी) में भारत ने अफगानिस्तान से 591.49 मिलियन डॉलर का आयात किया, जिसमें से 358 मिलियन डॉलर सिर्फ ड्राय फ्रूट्स के थे. अटारी बॉर्डर बंद होने से न सिर्फ नया स्टॉक रुक गया है, बल्कि मौजूदा सप्लाई भी प्रभावित हुई है. भारतीय आयातक बी.के. बजाज के अनुसार, "अफगान ड्राय फ्रूट का नया स्टॉक अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचने में दो महीने लगेंगे. तब तक कीमतों में इजाफा तय है."
विकल्प के तौर पर चाबहार पोर्ट, लेकिन महंगा सौदा
वर्तमान में आयातक ईरान के चाबहार पोर्ट के जरिए वैकल्पिक मार्ग की तलाश कर रहे हैं. हालांकि यह मार्ग महंगा और समय लेने वाला है. इससे न केवल परिवहन खर्च बढ़ेगा, बल्कि स्टॉक की उपलब्धता भी कम रहेगी. इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा.
20 फीसदी तक बढ़ सकती हैं घरेलू कीमतें
ड्राय फ्रूट व्यापारी मुकेश सिधवानी के अनुसार, "अगर स्थिति ऐसे ही रही तो भारत में ड्राय फ्रूट्स की कीमतें 20% तक बढ़ सकती हैं. त्योहारों के सीज़न में इसका असर और अधिक महसूस किया जाएगा."
अटारी बॉर्डर का बंद होना केवल एक राजनीतिक या कूटनीतिक फैसला नहीं, बल्कि इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ने वाला है. ड्राय फ्रूट्स जैसे जरूरी और स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद महंगे हो जाएंगे, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों पर बोझ बढ़ेगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 29, 2025 04:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

