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अमित शाह बने भारत के सबसे लंबे समय तक केंद्रीय गृह मंत्री, लाल कृष्ण आडवाणी को पीछे छोड़ा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लिए 5 अगस्त का दिन ऐतिहासिक है. वह भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक केंद्रीय गृह मंत्री पद पर रहने वाले राजनेता बने हैं. वरिष्ठ भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी को पीछे छोड़ते हुए अमित शाह ने यह रिकॉर्ड बनाया है. अमित शाह ने 30 मई 2019 को देश के गृह मंत्री पद पर अपनी जिम्मेदारी संभाली थी.

अमित शाह बने भारत के सबसे लंबे समय तक केंद्रीय गृह मंत्री, लाल कृष्ण आडवाणी को पीछे छोड़ा

नई दिल्ली, 5 अगस्त : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लिए 5 अगस्त का दिन ऐतिहासिक है. वह भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक केंद्रीय गृह मंत्री पद पर रहने वाले राजनेता बने हैं. वरिष्ठ भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी को पीछे छोड़ते हुए अमित शाह ने यह रिकॉर्ड बनाया है. अमित शाह ने 30 मई 2019 को देश के गृह मंत्री पद पर अपनी जिम्मेदारी संभाली थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल में राजनाथ सिंह गृह मंत्री बनाए गए थे. 2019 लोकसभा चुनाव में जब भाजपा ने रिकॉर्ड जीत हासिल की, उसके बाद प्रधानमंत्री मोदी के दूसरे कार्यकाल में अमित शाह को गृह मंत्री बनाया गया था और वर्तमान में भी वह इस पद पर कार्यरत हैं. 10 जून 2024 को अमित शाह ने दूसरी बार गृह मंत्री पद की शपथ ली थी.

फिलहाल, गृह मंत्री के तौर पर अमित शाह ने 2,258 दिन (30 मई 2019 से 5 अगस्त 2025 तक) पूरे किए हैं. इससे पहले, सबसे लंबे समय तक गृह मंत्री रहने का रिकॉर्ड लाल कृष्ण आडवाणी के नाम था. उन्होंने इस पद पर 2,256 दिनों (19 मार्च 1998 से 22 मई 2004 तक) तक सेवाएं दीं. तब अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री थे. यह भी पढ़ें : Bihar: राजद और कांग्रेस की पहचान, एक ‘क्रेडिटखोर’ तो दूसरा ‘क्रेडिट चोर; सम्राट चौधरी

गृह मंत्री के रूप में सबसे लंबे कार्यकाल वाले नेताओं में कांग्रेस नेता गोविंद बल्लभ पंत भी शामिल हैं, जिन्होंने 10 जनवरी 1955 से 7 मार्च 1961 तक कुल 6 साल 56 दिन इस पद पर सेवाएं दीं. भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने 1,218 दिनों (15 अगस्त 1947 से 12 दिसंबर 1950) तक गृह मंत्री के रूप में कार्य किया था.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का कार्यकाल अब तक साहसिक और ऐतिहासिक निर्णयों से भरा रहा है. उनके कार्यकाल में आतंकवाद पर कड़ी कार्रवाई और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए गए. ऐतिहासिक फैसलों में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त करना, नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) देश में लागू करना, नए आपराधिक न्याय कानून के अलावा वामपंथी उग्रवाद और नक्सलवाद को मिटाने के लिए कई अहम ऑपरेशन शामिल हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 05, 2025 01:27 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).