देश

Amarnath Yatra Postponed: भारी बारिश के कारण अमरनाथ यात्रा स्थगित, जम्मू से नहीं रवाना होगा कोई काफिला

भारी बारिश के कारण अमरनाथ यात्रा स्थगित होने के कारण गुरुवार को यात्रियों का कोई काफिला जम्मू से कश्मीर के लिए रवाना नहीं होगा. अधिकारियों ने बताया कि खराब मौसम को देखते हुए, सावधानी के तौर पर, तीर्थयात्रियों का काफिला भगवती नगर, जम्मू से आगे नहीं बढ़ेगा. जम्मू के संभागीय आयुक्त रमेश कुमार ने कहा, "यात्रा क्षेत्र में भारी बारिश के कारण बेस कैंप से तीर्थयात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई है.

Amarnath Yatra Postponed: भारी बारिश के कारण अमरनाथ यात्रा स्थगित, जम्मू से नहीं रवाना होगा कोई काफिला

श्रीनगर, 31 जुलाई : भारी बारिश के कारण अमरनाथ यात्रा स्थगित होने के कारण गुरुवार को यात्रियों का कोई काफिला जम्मू से कश्मीर के लिए रवाना नहीं होगा. अधिकारियों ने बताया कि खराब मौसम को देखते हुए, सावधानी के तौर पर, तीर्थयात्रियों का काफिला भगवती नगर, जम्मू से आगे नहीं बढ़ेगा. जम्मू के संभागीय आयुक्त रमेश कुमार ने कहा, "यात्रा क्षेत्र में भारी बारिश के कारण बेस कैंप से तीर्थयात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई है. इसलिए, यह निर्णय लिया गया है कि 31 जुलाई को भगवती नगर, जम्मू से बेस कैंप बालटाल और नुनवान की ओर किसी भी काफिले की आवाजाही की अनुमति नहीं दी जाएगी. तीर्थयात्रियों को समय-समय पर स्थिति से अवगत कराया जाएगा." अमरनाथ यात्रा 2025 के दौरान अब तक 3.93 लाख से अधिक तीर्थयात्री पवित्र गुफा मंदिर में दर्शन कर चुके हैं.

कश्मीर के संभागीय आयुक्त विजय कुमार बिधूड़ी ने कहा, "हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण श्री अमरनाथ जी यात्रा मार्ग के पहलगाम मार्ग पर तत्काल मरम्मत और रखरखाव कार्य किए जाने की आवश्यकता है. यात्रा 1 अगस्त से बालटाल मार्ग से जारी रहेगी." उल्लेखनीय है कि 30 जुलाई को भारी बारिश के कारण दोनों आधार शिविरों (बालटाल और चंदनवाड़ी/नुनवान) से यात्रा स्थगित कर दी गई थी. इस वर्ष अब तक 3.93 लाख से अधिक यात्री श्री अमरनाथजी की पवित्र गुफा में दर्शन कर चुके हैं. इस वर्ष की यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई और 9 अगस्त को समाप्त होगी. पहलगाम मार्ग का उपयोग करने वाले लोग चंदनवाड़ी, शेषनाग और पंचतरणी से होकर गुफा मंदिर तक पहुंचते हैं और 46 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करते हैं. यह भी पढ़ें : Bihar Road Accident: बिहार के लखीसराय में खड़े ट्रक से जा टकराया ऑटो, तीन छात्रों की मौत, दो घायल

तीर्थयात्रियों को गुफा मंदिर तक पहुंचने में चार दिन लगते हैं. वहीं, छोटे बालटाल मार्ग का उपयोग करने वालों को गुफा मंदिर तक पहुंचने के लिए 14 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है और यात्रा पूरी करने के बाद उसी दिन आधार शिविर लौटना पड़ता है. सुरक्षा कारणों से इस वर्ष यात्रियों के लिए कोई हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं है. श्री अमरनाथ जी यात्रा भक्तों के लिए सबसे पवित्र धार्मिक तीर्थयात्राओं में से एक है, क्योंकि किंवदंती है कि भगवान शिव ने इस गुफा के अंदर माता पार्वती को शाश्वत जीवन और अमरता के रहस्य बताए थे.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 31, 2025 09:06 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).