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Abhishek Ghosalkar Murder Case: मुंबई में शिवसेना-यूबीटी के मारे गए नेता अभिषेक घोसालकर की पत्‍नी तेजस्वी का दावा- निशाने पर मैं भी थी

शिवसेना (यूबीटी) नेता अभिषेक वी. घोसालकर की विधवा तेजस्वी दारेकर-घोसालकर ने यहां मंगलवार को चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि उसी घटना में वह भी हत्‍यारों के निशान पर थीं.

Abhishek Ghosalkar Murder Case: मुंबई में शिवसेना-यूबीटी के मारे गए नेता अभिषेक घोसालकर की पत्‍नी तेजस्वी का दावा- निशाने पर मैं भी थी
Abhishek Ghosalkar

मुंबई, 20 मार्च : शिवसेना (यूबीटी) नेता अभिषेक वी. घोसालकर की विधवा तेजस्वी दारेकर-घोसालकर ने यहां मंगलवार को चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि उसी घटना में वह भी हत्‍यारों के निशान पर थीं. एक फेसबुक लाइव शो के दौरान 8 फरवरी को अभिषेक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

शिवसेना (यूबीटी) के सक्रिय, शिक्षित और उभरते युवा नेताओं में से एक, अभिषेक पर उस शाम एक स्थानीय गुंडे मौरिस नोरोन्हा ने कई गोलियां चलाईं, जिस समय वह फेसबुक पर अपने मतदाताओं के साथ लाइव बातचीत कर रहे थे. हत्‍यारे ने कुछ मिनट बाद खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. यह भी पढ़ें : उत्तर प्रदेश : अदालत ने जाति आधारित रैलियों पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए राजनीतिक दलों से जवाब मांगा

बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की पूर्व नगरसेविका तेजस्वी ने याद किया कि कैसे उस विशेष कार्यक्रम के लिए हत्यारे नोरोन्हा ने उसके पति अभिषेक को उन्‍हें साथ लाने के लिए कहा था. मौरिस नोरोन्हा को पड़ोस में 'मौरिस भाई' के नाम से जाना जाता था.

तेजस्वी ने कहा, “उसने (मौरिस) मेरे पति से मुझे उस शाम के सार्वजनिक कार्यक्रम में ले जाने के लिए कहा था और अभिषेक ने भी मुझे अपने साथ चलने के लिए कहा था. हालांकि, जैसे ही मुझे देरी हुई, अभिषेक ने मुझे फोन किया और सुझाव दिया कि मुझे सीधे उसी शाम को होने वाले एक और कार्यक्रम में भाग लेने के लिए जाना चाहिए.”

तेजस्वी ने कहा, "इसका मतलब यह है कि अभिषेक को खत्म करने के लिए रची गई साजिश में मैं भी निशाना थी... हालांकि, मुझे अगले समारोह में जाने के लिए फोन आया... यह मेरे बच्चों का सौभाग्य है कि मैं उस कार्यक्रम में नहीं पहुंच सकी."

उनकी ब्रीफिंग में सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई, विधायक अनिल परब और विलास पोटनिस, पूर्व महापौर किशोरी पेडनेकर और विशाखा राउत, साथ ही शिवसेना (यूबीटी) के अन्य नेता और पदाधिकारी शामिल हुए.

अपने बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई पुलिस उनके पति की हत्या के मामले की ठीक से जांच नहीं कर रही है और यहां तक कि मुंबई सत्र न्यायालय ने 5 मार्च को इस संबंध में कुछ टिप्पणियां भी की हैं.

ये हैं टिप्पणियां : प्रथम दृष्टया, नोरोन्हा को हत्या में प्रयुक्त बंदूक सौंपी गई थी, नरोन्हा अपने (गिरफ्तार) निजी सुरक्षा गार्ड अमरेंद्र मिश्रा के साथ गोलियां खरीदने गया था. मिश्रा को नोरोन्हा और अभिषेक घोसालकर के बीच झगड़े के बारे में पूरी जानकारी थी. नरोन्हा ने मिश्रा का बंदूक लाइसेंस अपने पास रख लिया था और जिस लॉकर से बंदूक बरामद की गई थी, वह बरकरार थी. इससे पता चलता है कि नोरोन्हा की उस तक पहुंच थी.

तेजस्वी ने बताया कि उन्होंने एक पत्र में मुंबई पुलिस के सामने इसी तरह के मुद्दे उठाए थे और आईपीसी की धारा 34 और धारा 120बी के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी, लेकिन उनकी मांग अनसुनी कर दी गई.

उन्होंने कहा कि उनके वकील भूषण महादिक जल्द ही बॉम्बे हाईकोर्ट में एक रिट याचिका दायर करेंगे, जिसमें मांग की जाएगी कि स्थानीय गुंडे नोरोन्हा (52) द्वारा 40 वर्षीय अभिषेक घोषालकर की हत्या और बाद में उसकी आत्महत्या की जांच मुंबई पुलिस से वापस लेेेकर दूसरी जांच एजेंसी को सौंपी जाए.

अभिषेक घोसालकर की सनसनीखेज हत्या ने राज्य के राजनीतिक हलकों में सदमे की लहर पैदा कर दी और विभिन्न दलों के नेताओं ने इसकी निंदा की, और अब विपक्षी महा विकास अघाड़ी के सहयोगी आगामी लोकसभा चुनावों में इसका राजनीतिक फायदा उठा सकते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 20, 2024 08:31 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).