Shimla News: हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) की राजधानी शिमला (Shimla) स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (Indira Gandhi Medical College – IGMC) में एक डॉक्टर पर मरीज के साथ मारपीट (Assault) करने का गंभीर आरोप लगा है. इस घटना के सामने आते ही सरकारी अस्पताल में हंगामा मच गया और मरीज के परिजनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.शिकायत के अनुसार, शिमला जिले के कुपवी उपमंडल (Kupvi Subdivision) के एक गांव का रहने वाला मरीज सांस लेने में परेशानी के चलते आईजीएमसी (IGMC) पहुंचा था. मरीज का आरोप है कि डॉक्टर ने उससे अभद्र भाषा (Offensive Language) में बात की.
पीड़ित मरीज का कहना है कि जब उसने डॉक्टर से सम्मानपूर्वक बातचीत करने का अनुरोध किया, तो डॉक्टर नाराज हो गया और उसने उसके साथ शारीरिक हिंसा (Physical Assault) की. इस मारपीट का वीडियो (Video) सोशल मीडिया X पर @iNikhilsaini नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:Bihar: ‘चुप रहो, नहीं तो मुंह पर इतना जूता मारेंगे… हॉस्पिटल में डॉक्टर ने महिला मरीज से की बदतमीजी, बिहार के कटिहार जिले का वीडियो आया सामने; VIDEO
डॉक्टर ने की मरीज से मारपीट
Video of a fight from IGMC Shimla. Exact reasons not known yet, but such incidents seriously question the security of both patients and doctors. Hospitals must be safe spaces. Hope a proper investigation is done and the truth comes out soon. pic.twitter.com/64Zor4grfu
— Nikhil saini (@iNikhilsaini) December 22, 2025
वीडियो हुआ वायरल
मरीज के परिजनों का दावा है कि घटना का वीडियो (Viral Video) बनाया गया, जो अब सोशल मीडिया (Social Media) पर तेजी से वायरल हो रहा है.वीडियो सामने आने के बाद हॉस्पिटल परिसर में तनाव का माहौल बन गया.घटना के तुरंत बाद मरीज के परिजन और समर्थक IGMC परिसर (Hospital Premises) के बाहर इकट्ठा हो गए. उन्होंने नारेबाजी करते हुए आरोपी डॉक्टर को तत्काल निलंबित (Immediate Suspension) करने की मांग की.
स्वास्थ मंत्री का सख्त रुख
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वास्थ्य मंत्री (Health Minister) कर्नल धनी राम शांडिल (Dhani Ram Shandil) ने कहा कि इस तरह का व्यवहार मेडिकल एथिक्स (Medical Ethics) के खिलाफ है और किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.स्वास्थ्य मंत्री ने मामले की विस्तृत जांच (Detailed Inquiry) के आदेश दे दिए गए हैं. सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हेल्थ सेक्रेटरी (Health Secretary), IGMC मेडिकल सुपरिटेंडेंट (Medical Superintendent) और प्रिंसिपल (Principal) को सचिवालय तलब किया है और उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है.
होटल मैनेजमेंट की चुप्पी
फिलहाल हॉस्पिटल प्रशासन (Hospital Authorities) की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.













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