Canada Gangster Case: कनाडा में पढ़ा-लिखा युवक बना गैंगस्टर, हथियार तस्करी और उगाही के जाल में फंसकर पहुंचा जेल
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Canada Gangster Case: नई दिल्ली में सामने आया एक चौंकाने वाला मामला दिखाता है कि कैसे कंप्यूटर एप्लिकेशन में डिग्री रखने वाला 28 साल का बंधु मान सिंह सेक्हों कनाडा जाकर अपराध की दुनिया में फंस गया. अच्छी पढ़ाई और बेहतर भविष्य के मौके होने के बावजूद वह गैंगस्टर नेटवर्क का हिस्सा बन बैठा. पुलिस के अनुसार सेक्हों ने कनाडा में नौकरी शुरू की थी, लेकिन जल्द ही उसका झुकाव गलत धंधों की तरफ बढ़ने लगा.

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उगाही से शुरू हुआ अपराध का सफर

कनाडा पहुंचने के बाद सेक्हों ने ब्रैम्पटन में एक फार्मेसी में काम किया, फिर उबर चलाने लगा. इसी दौरान जब वह अपने कार डीलरशिप बिजनेस के लिए पार्टनर तलाश कर रहा था, तभी उसकी मुलाकात गैंगस्टर से आतंकी बने हैरी चठा से हुई. पुलिस का कहना है कि चठा के कहने पर सेक्हों ने पहला उगाही कॉल किया और यहीं से उसके खिलाफ जांच शुरू हुई. कनाडा की पुलिस ने उससे जुड़े लोगों पर नजर रखी, लेकिन सेक्हों डरने के बजाय और ज्यादा खतरनाक कामों में शामिल होने लगा.

बड़े गैंगों से लिंक और हथियार तस्करी में एंट्री

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक चठा से नजदीकी बढ़ने के बाद सेक्हों गोल्डी ढिल्लों गैंग के संपर्क में आया. उसने गैंग के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट देना शुरू किया और सोशल मीडिया का इस्तेमाल हथियार बेचने और दिखाने के लिए करने लगा. इस दौरान वह कई बड़े अपराधियों के संपर्क में रहा. जांच में पता चला कि वही उन हथियारों की व्यवस्था करता था जो भारत में कई घटनाओं में इस्तेमाल हुए.

कैनेडा में गिरफ्तारी और भारत में कनेक्शन की परतें खुलीं

सेक्हों को कनाडा की पुलिस ने गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया, जिनमें अवैध हथियार रखने, हथियारों के कोड बदलने और बड़ी साजिश में शामिल होने के केस शामिल हैं. दिल्ली पुलिस की जांच में भी सामने आया कि कपिल शर्मा के कैफे पर फायरिंग में इस्तेमाल कार और हथियार सेक्हों ने ही मुहैया कराए थे. उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर दर्जनों वीडियो हैं, जिनमें वह कनाडा में खुलेआम राइफल और शॉटगन चलाते दिखता है.

सोशल मीडिया पर दिखावा और हकीकत में अपराध

उसके पोस्ट देखकर यह साफ होता है कि सेक्हों अपनी आपराधिक गतिविधियों को दिखावा करने का तरीक़ा मानता था. बायो में लिखी लाइन "यू ओनली लिव वंस..." उसके असल जीवन से बिल्कुल उलट दिखाई देती है. पुलिस का कहना है कि सेक्हों की हरकतें इस बात का उदाहरण हैं कि कैसे सोशल मीडिया की चमक और गैंगस्टर बनने का दिखावा युवाओं को खतरनाक रास्ते पर ले जा सकता है.