Goa Nightclub Fire Updates: रसोई में काम करने वाले 14 स्टाफ की आग में झुलसकर मौत, नेपाल, झारखंड, उत्तराखंड और असम से थे कर्मचारी; गोवा क्लब हादसे में खुलासा
गोवा के अर्पोरा इलाके में स्थित बर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब में हुए भीषण हादसे ने कई परिवारों को तबाह कर दिया है. इस आग में 25 लोगों की जान गई, जिसमें से 14 वो कर्मचारी थे जो क्लब की मुख्य किचन में काम करते थे.
Goa Nightclub Fire Updates: गोवा के अर्पोरा इलाके में स्थित बर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब में हुए भीषण हादसे ने कई परिवारों को तबाह कर दिया है. इस आग में 25 लोगों की जान गई, जिसमें से 14 वो कर्मचारी थे जो क्लब की मुख्य किचन में काम करते थे. किचन बेसमेंट में था और वहां से बाहर निकलने का कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं था, इसी कारण ज्यादातर लोग अंदर ही फंस गए.
किसी को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला
हादसे में मारे गए 14 कर्मचारियों में नेपाल, झारखंड, उत्तराखंड और असम के लोग शामिल थे. कई मजदूर ऐसे थे जिन्होंने कुछ ही हफ्ते पहले काम शुरू किया था. उनके साथी बता रहे हैं कि किचन बेसमेंट में बनाना ही सबसे बड़ी लापरवाही थी. आग लगने के बाद धुंआ और आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को भागने का मौका ही नहीं मिला.
झारखंड के रहने वाले नंदलाल ने बताया कि एक ही गांव के तीन लोग इस हादसे में मारे गए हैं. दो सगे भाई बिनोद और प्रदीप महतो कुछ दिनों पहले ही नौकरी पर आए थे. उनके साथ गांव का ही मोहित मुंडा भी मारा गया.
'किसी को बचाने की कोशिश नहीं की गई'
कई कर्मचारी क्लब मालिक और मैनेजमेंट पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं. नेपाल के जनक पुजारा ने कहा कि आग लगते ही मैनेजर और सीनियर स्टाफ खुद भाग गए, लेकिन किचन स्टाफ को किसी ने आगाह नहीं किया. उनका कहना है कि हादसे की सबसे बड़ी वजह किचन में फायर एग्जिट न होना है.
पुजारा ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद मालिक ने अब तक किसी परिवार से संपर्क तक नहीं किया है. शवों को भी ढंग से संरक्षित नहीं किया गया है और कई परिवारों को अभी तक आधिकारिक जानकारी भी नहीं मिली.
परिजन बोले- न्याय पूरा मिलना चाहिए
उत्तर गोवा के कलेक्टर अंकित यादव ने कहा कि सरकार मृतकों के परिवारों को SDRF और NDRF से मुआवजा दिलाने में पूरी मदद करेगी. साथ ही शवों को उनके गांव तक पहुंचाने की भी जिम्मेदारी सरकार लेगी.
हालांकि मृतकों के साथी कर्मचारियों का कहना है कि केवल सरकारी मुआवजा काफी नहीं है. क्लब मालिक को भी जिम्मेदारी उठानी चाहिए क्योंकि यह हादसा सीधी लापरवाही की वजह से हुआ है.