मैं बिहार के एक छोटे से गांव से आता हूं, कहानियां सुनकर बड़ा हुआ हूं, मैं फिल्में निर्देशित करना चाहता हूं: पंकज त्रिपाठी
जाने-माने अभिनेता पंकज त्रिपाठी को कहानी सुनाना बहुत पसंद है और वह फिल्मों के निर्देशन में भी अब अपना हाथ आजमाना चाहते हैं. पंकज ने कहा, "मैं अभिनय की दुनिया में इसलिए आया हूं क्योंकि मुझे यह पसंद है.
मुंबई, 20 सितम्बर:जाने-माने अभिनेता पंकज त्रिपाठी को कहानी सुनाना बहुत पसंद है और वह फिल्मों के निर्देशन में भी अब अपना हाथ आजमाना चाहते हैं. पंकज ने कहा, "मैं अभिनय की दुनिया में इसलिए आया हूं क्योंकि मुझे यह पसंद है. मैं बिहार के एक छोटे से गांव से आता हूं, कहानियां सुनकर बड़ा हुआ हूं. अब मुझे कहानियाँ सुनाने का भी शौक हो गया है." Priyanka Chopra ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में के बच्चों के अधिकारों की बात, 'अगर हम वही करते रहे जो हमने किया है, तो हमें वही मिलेगा जो हमें मिला है'
"तो, अभिनय के अलावा, मैं एक फिल्म निर्देशित करना चाहता हूं। एक निर्माता भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन यह निर्देशक है जिसके पास कहानी की ²ष्टि होती है."
अभिनेता पंकज त्रिपाठी कई फिल्मों का हिस्सा रहे हैं, लेकिन यह 2012 में अनुराग कश्यप की 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' थी, जिससे उनको सफलता मिली.
अभिनेता को आखिरी बार फिल्म 'शेरदिल: द पीलीभीत सागा' में देखा गया था। वह अब 'फुकरे 3' और 'ओएमजी 2' में जल्द ही नजर आएंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 20, 2022 03:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

