Silver Rate Today, March 01, 2026: चांदी की कीमतों में मजबूती, जानें दिल्ली, मुंबई और चेन्नई समेत प्रमुख शहरों में आज के ताज़ा भाव

1 मार्च 2026 को भारत में चांदी की कीमतों में स्थिरता देखी गई है. अंतरराष्ट्रीय तनाव और औद्योगिक मांग के कारण दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे शहरों में चांदी के भाव ऐतिहासिक उच्च स्तर के करीब बने हुए हैं

Silver jewellery (Photo Credits: Pixabay)

Silver Rate Today, March 01, 2026: भारत में आज यानी रविवार, 1 मार्च को चांदी की कीमतों में स्थिरता दर्ज की गई है. पिछले एक सप्ताह के उतार-चढ़ाव के बाद यह औद्योगिक धातु अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर के करीब बनी हुई है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रिटेल चांदी लगभग 2,95,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है. वहीं, दक्षिण भारत के प्रमुख बाजारों जैसे चेन्नई और हैदराबाद में कीमतें थोड़ी अधिक हैं और वहां भाव 3,20,000 रुपये के करीब रिपोर्ट किए गए हैं.

प्रमुख शहरों में चांदी के खुदरा भाव (प्रति किलोग्राम)

स्थानीय मांग, राज्य स्तरीय करों और लॉजिस्टिक्स लागत के कारण देश के विभिन्न शहरों में चांदी की कीमतों में अंतर देखा जाता है. दक्षिण भारतीय शहरों में उत्तर और पश्चिमी केंद्रों की तुलना में प्रीमियम दरों पर व्यापार जारी है.

शहर चांदी की कीमत (प्रति किलोग्राम)
दिल्ली 2,95,000 रुपये
मुंबई 2,95,000 रुपये
चेन्नई 3,20,000 रुपये
हैदराबाद 3,20,000 रुपये
बेंगलुरु 2,95,000 रुपये
कोलकाता 2,95,000 रुपये
अहमदाबाद 2,95,000 रुपये
पुणे 2,95,000 रुपये

भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश की मांग

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, कीमतों में इस स्थिरता का मुख्य कारण मध्य पूर्व (Middle East) में बढ़ता तनाव है. अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच हालिया सैन्य गतिविधियों के बाद निवेशकों ने सुरक्षा के लिहाज से कीमती धातुओं (Bullion) का रुख किया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर की कीमत 90 डॉलर प्रति औंस के करीब समाप्त हुई है. व्यापारी अब उन संकेतों का इंतजार कर रहे हैं जो चांदी को 100 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर की ओर धकेल सकते हैं.

औद्योगिक मांग और आपूर्ति में कमी

चांदी की कीमतों को न केवल निवेश, बल्कि मजबूत औद्योगिक मांग से भी समर्थन मिल रहा है. 'ग्रीन एनर्जी' ट्रांजिशन के तहत सोलर पैनल निर्माण और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के पुर्जों में चांदी का बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि साल 2026 वैश्विक स्तर पर आपूर्ति में कमी का लगातार छठा वर्ष है. प्रमुख एक्सचेंजों पर भंडार कम होने के कारण औद्योगिक उपयोग या खुदरा निवेश में थोड़ी भी वृद्धि कीमतों में तेजी से उछाल लाती है.

आगे का रुझान और बाजार की नजर

अब निवेशकों की नजर सोमवार को खुलने वाले मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर टिकी है. अमेरिका से आने वाले विनिर्माण और रोजगार के आंकड़े आने वाले सप्ताह में कीमतों की दिशा तय करेंगे. भारत में शादियों का सीजन होने के कारण खुदरा मांग बनी रहने की उम्मीद है. हालांकि, मेकिंग चार्ज से बचने के लिए कई उपभोक्ता अब फिजिकल चांदी के बजाय डिजिटल सिल्वर और ईटीएफ (ETF) की ओर रुख कर रहे हैं.

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