Income Tax Refund Update: इनकम टैक्स रिफंड में क्यों हो रही है देरी? अगर आपका ITR अब भी पेंडिंग है तो क्या करें, यहां जानें पूरी जानकारी
राज्यसभा में सरकार ने जानकारी दी है कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए लगभग 24 लाख आयकर रिटर्न 90 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं. विभाग के 'नज' अभियान और डेटा स्क्रूटनी के कारण रिफंड में हो रही देरी की मुख्य वजहों को यहां समझें.
Income Tax Refund Update: यदि आप अपने आयकर रिफंड (Income Tax Refund) का इंतजार कर रहे हैं और वह अब तक आपके खाते में नहीं आया है, तो इसकी वजह विभाग की गहन जांच प्रक्रिया हो सकती है. केंद्र सरकार ने राज्यसभा में जानकारी दी है कि आकलन वर्ष (AY) 2025-26 के लिए लगभग 24.64 लाख इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) ऐसे हैं, जो 90 दिनों से अधिक समय से प्रोसेसिंग के लिए लंबित हैं. यह संख्या 4 फरवरी 2026 तक दाखिल कुल 8.79 करोड़ रिटर्न का हिस्सा है.
क्यों हो रही है रिफंड में देरी?
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में एक लिखित उत्तर में स्पष्ट किया कि यह देरी तकनीक आधारित जोखिम विश्लेषण (Risk Analysis) और अनुपालन अभियानों के कारण हो रही है. सरकार का कहना है कि यह ईमानदार करदाताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं है, बल्कि सिस्टम की सफाई का एक हिस्सा है. यह भी पढ़े: How to Check ITR Refund: क्या आपका भी Income Tax रिफंड अभी तक नहीं आया? जानें देरी की वजह और स्टेटस चेक करने का तरीका
डेटा एनालिटिक्स टूल्स का उपयोग करके उन रिटर्न की पहचान की जा रही है जिनमें आय के विवरण में विसंगति, गलत कटौती के दावे या उच्च जोखिम वाली फाइलिंग दिखाई देती है. ऐसे मामलों को सिस्टम द्वारा फ्लैग (Flag) कर दिया जाता है, जिससे उनकी प्रोसेसिंग में सामान्य से अधिक समय लगता है.
क्या है 'नज' (NUDGE) अभियान?
संसद में चर्चा के दौरान 'नज' अभियान का मुद्दा भी उठा. सरकार ने बताया कि 'नज' का अर्थ है— "डेटा का गैर-हस्तक्षेपकारी उपयोग" (Non-intrusive Usage of Data to Guide and Enable). इस पहल के तहत, करदाताओं को सीधे नोटिस भेजने के बजाय डिजिटल संचार के माध्यम से प्रोत्साहित किया जाता है कि वे स्वयं अपने रिटर्न की समीक्षा करें और यदि कोई गलती है तो उसे सुधारें.
दिसंबर 2025 में कई करदाताओं को प्राप्त हुए संदेश इसी अभियान का हिस्सा थे, जिसमें उन्हें संभावित विसंगतियों के कारण अपने रिटर्न को संशोधित (Revise) करने का विकल्प दिया गया था.
इन कारणों से फ्लैग हो रहे हैं रिटर्न
सरकार के अनुसार, जिन करदाताओं के रिफंड रोके गए हैं या जिन्हें मैसेज भेजे गए हैं, उनके मामलों में अक्सर निम्नलिखित मुद्दे पाए गए हैं:
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विदेशी संपत्ति या विदेशी आय का खुलासा न करना.
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आयकर अधिनियम की धारा 80G, 80GGC और 80E के तहत गलत या अत्यधिक कटौती का दावा करना.
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फॉर्म 26AS और दाखिल किए गए रिटर्न के बीच आय का मिलान न होना.
यदि आपका ITR पेंडिंग है तो क्या करें?
लंबे समय से लंबित रिफंड की समस्या को हल करने के लिए करदाता निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं:
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ई-वेरिफिकेशन की जांच: सुनिश्चित करें कि आपने अपना रिटर्न दाखिल करने के बाद उसे ई-वेरिफाई कर दिया है. बिना वेरिफिकेशन के रिटर्न प्रोसेस नहीं होता.
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पोर्टल पर स्टेटस देखें: इनकम टैक्स पोर्टल पर नियमित रूप से लॉग इन करें और 'Pending Actions' टैब में जाकर देखें कि विभाग ने कोई स्पष्टीकरण तो नहीं मांगा है.
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बैंक खाता प्री-वैलिडेट करें: सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता पोर्टल पर 'Pre-validated' है, अन्यथा रिफंड जारी होने के बावजूद खाते में जमा नहीं हो पाएगा.
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नोटिस का तुरंत जवाब: यदि विभाग से कोई ईमेल या संदेश आता है, तो उसे नजरअंदाज न करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी प्रतिक्रिया दें.
करदाताओं के लिए यह जरूरी है कि वे अपने दस्तावेज तैयार रखें और विभाग के साथ पारदर्शी संवाद बनाए रखें ताकि वेरिफिकेशन प्रक्रिया जल्द पूरी हो सके और रिफंड जारी किया जा सके.