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ITR Filing 2025: इनकम टैक्स रिफंड पर भी मिलता है ब्याज, जानिए कब और कितना मिलता है?

Income tax return Filing 2025: अगर आपने समय पर आईटीआर भरा है, और आपको रिफंड बनता है, तो उस पर 6% सालाना की दर से ब्याज भी मिलता है. यह ब्याज कुछ शर्तों के साथ रिफंड के साथ आपके बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाता है.

ITR Filing 2025: इनकम टैक्स रिफंड पर भी मिलता है ब्याज, जानिए कब और कितना मिलता है?
Income Tax Refund

अगर आपने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरा है, और आपको रिफंड मिलना है, तो सिर्फ टैक्स की राशि ही नहीं बल्कि उस पर ब्याज भी मिल सकता है. इनकम टैक्स विभाग रिफंड में होने वाली देरी के लिए ब्याज के रूप में मुआवजा देता है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें होती हैं. आइए समझते हैं, कि इनकम टैक्स रिफंड पर ब्याज कैसे मिलता है, और किसे मिलता है.

ब्याज की अवधि कैसे तय होती है?

अगर आपने इनकम टैक्स रिटर्न समय पर दाखिल किया है, यानी तय आखिरी तारीख से पहले, तो आपको रिफंड पर 1 अप्रैल (आकलन वर्ष की शुरुआत) से लेकर रिफंड मिलने की तारीख तक ब्याज दिया जाएगा. लेकिन अगर आपने आईटीआर लेट भरा है, तो ब्याज की गिनती आपके रिटर्न दाखिल करने की तारीख से शुरू होगी और रिफंड मिलने की तारीख तक ही दी जाएगी. यानी रिटर्न जितना जल्दी दाखिल करेंगे, उतना जल्दी ब्याज मिलना शुरू होगा.

ब्याज कब नहीं मिलता?

हालांकि, इनकम टैक्स रिफंड पर आमतौर पर ब्याज दिया जाता है, लेकिन यह हर स्थिति में लागू नहीं होता है. अगर आपकी रिफंड राशि कुल टैक्स देनदारी (यानी आपने जितना टैक्स भरना था) के 10% से कम है, तो उस पर ब्याज नहीं मिलेगा. इसी तरह, अगर रिफंड की राशि 100 रुपये से भी कम है, तब भी आपको कोई ब्याज नहीं दिया जाएगा. इसके अलावा, ब्याज सिर्फ उन्हीं रिफंड्स पर मिलता है, जो पूरी तरह से वैलिड यानी सत्यापित हों और जिन्हें आयकर विभाग ने प्रोसेस करके मंजूरी दी हो. इसलिए सही और समय पर आईटीआर फाइल करना जरूरी है, ताकि रिफंड के साथ ब्याज का लाभ भी मिल सके.

ब्याज की दर कितनी है?

इनकम टैक्स रिफंड पर सरकार की ओर से 0.5% प्रति माह यानी 6% वार्षिक दर से ब्याज दिया जाता है. यह ब्याज सिर्फ उसी राशि पर मिलता है, जो रिफंड के रूप में बनती है. जब रिफंड की प्रोसेसिंग पूरी हो जाती है, तो ब्याज की यह रकम भी टैक्स रिफंड के साथ ही सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है. यह ब्याज एक तरह से देरी की भरपाई के रूप में दिया जाता है, ताकि करदाताओं को नुकसान न हो. इसलिए, आईटीआर समय पर भरें और अपनी टैक्स डिटेल्स सही रखें, ताकि रिफंड और ब्याज दोनों का लाभ मिल सके.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 25, 2025 10:53 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).