विदेश की खबरें | जी7 देशों के शिखर सम्मेलन में जेलेंस्की भी होंगे शामिल
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

जेलेंस्की अपने युद्धग्रस्त देश से पहली बार इतनी दूर यात्रा करेंगे, जहां विश्व के नेता रूस पर नए प्रतिबंधों का खुलासा करेंगे।

यूक्रेन की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रक्षा परिषद के सचिव ओलेक्सी दानिलोव ने राष्ट्रीय टेलीविजन चैनल पर पुष्टि की कि जेलेंस्की शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।

दानिलोव ने कहा, ‘‘हमें पूरा भरोसा है कि हमारे राष्ट्रपति हर उस जगह जाएंगे जहां यूक्रेन को उनकी जरूरत है, ताकि हमारे देश में स्थिरता के मुद्दे को सुलझाया जा सके।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वहां कई बहुत महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा की जाएगी, इसलिए हमारे हितों की रक्षा करने के लिए व्यक्तिगत मौजूदगी अहम है।’’

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के कारण यूक्रेन पर मंडरा रहे परमाणु हमले के खतरे, उत्तर कोरिया द्वारा जारी मिसाइल परीक्षणों और चीन के तेजी से बढ़ते परमाणु जखीरे के मद्देनजर जापान ने परमाणु निरस्त्रीकरण को शिखर सम्मेलन का एक प्रमुख हिस्सा बनाने पर जोर दिया है।

विश्व के नेताओं ने दुनिया के पहले युद्धकालीन परमाणु बम विस्फोट में मारे गए हजारों लोगों को समर्पित एक शांति उद्यान का शुक्रवार को दौरा किया।

जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने बताया कि उन्होंने मार्च में कीव की अपनी यात्रा के दौरान जेलेंस्की को जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था।

जेलेंस्की शुक्रवार को भी जी7 देशों के नेताओं की बैठक में डिजिटल माध्यम से शामिल होंगे, जिसमें नेताओं को युद्ध क्षेत्र की ताजा स्थिति से अवगत कराया जाएगा और वे रूस के युद्ध संबंधी प्रयासों को बाधित करने की अपनी कोशिशों को तेज करने पर सहमति जताएंगे।

अमेरिका के एक अधिकारी ने बताया कि सामूहिक तस्वीर खिंचवाने और सांकेतिक पौधारोपण के बाद रूस के खिलाफ नए प्रतिबंधों का खुलासा किया जाएगा और उस पर पहले से लगाए गए प्रतिबंधों को लागू करने के प्रयास दोगुने करने एवं उसे जवाबदेह बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

अमेरिका के एक अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखे जाने की शर्त पर बताया कि अमेरिका की ओर से की जानी वाली कार्रवाई के तहत रूस के रक्षा उत्पादन से जुड़ी रूसी और अन्य देशों की करीब 70 संस्थाओं को काली सूची में डालना और 300 से अधिक व्यक्तियों, संस्थाओं, विमानों एवं पोतों पर प्रतिबंध लगाना शामिल है।

अधिकारी ने बताया कि जी7 के अन्य देश भी रूस को और अलग-थलग करने तथा यूक्रेन पर हमला करने की उनकी क्षमताओं को कमजोर करने के लिए इस प्रकार के कदम उठाएंगे।

उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन में जी7 के गैर-सदस्य अतिथि देशों के नेताओं को भी यह समझाने की कोशिश की जाएगी कि प्रतिबंधों को लागू करना इतना महत्वपूर्ण क्यों है।

जी-7 में जापान, अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा और इटली के साथ-साथ यूरोपीय संघ भी शामिल हैं।

कई अन्य देशों को भी सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है जिनमें ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, भारत, इंडोनेशिया और दक्षिण कोरिया अतिथि देशों के रूप में सम्मेलन में भाग लेंगे।

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