रीवा, 22 जुलाई मध्य प्रदेश के रीवा में पुलिस ने सोमवार को नीट में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और राज्य के नर्सिंग घोटाले के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछारें छोड़ी और आंसू गैस के गोले दागे।
युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने हाल में हुई उस घटना के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें शनिवार को असामाजिक तत्वों ने निजी भूमि पर सड़क बनाने का विरोध कर रही दो महिलाओं को मुरुम (मिट्टी) में आधा दबा दिया था।
रीवा के पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने संवाददाताओं से कहा, “प्रशासन के आदेशों का पालन नहीं करने के कारण कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। बैरिकेड पर चढ़ने की कोशिश करने वालों को गिरफ्तार किया गया है।”
उन्होंने बताया कि उनके पास विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं थी तथा उन्हें तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया गया और आंसू गैस के गोले दागे गए।
युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास ने कहा कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताएं, पेपर लीक और नर्सिंग घोटाला मध्य प्रदेश को “सभी घोटालों की नर्सरी” जैसा बना देता है।
उन्होंने कहा,“व्यापम, नर्सिंग और पटवारी भर्ती जैसे घोटाले यहीं से शुरू हुए। प्रदीप जोशी, जो एनटीए के अध्यक्ष हैं, के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई और उन्हें पदोन्नत कर दिया गया”
श्रीनिवास ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन विरोध प्रदर्शन की अनुमति के मुद्दे पर झूठ बोल रहे हैं।
श्रीनिवास ने यह भी दावा किया कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को दिल्ली से रिमोट द्वारा नियंत्रित किया जा रहा है।
विरोध रैली में भाग लेने वाले कांग्रेस विधायक और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने मध्य प्रदेश को “घोटालों की प्रयोगशाला” बना दिया है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)