देश की खबरें | योगी सरकार ने जारी किए अपराध के पिछले नौ वर्षों के आंकड़े, किया जबरदस्त सुधार का दावा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्य में पिछले नौ वर्षों के दौरान घटित अपराधों के तुलनात्मक आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि अपराध और भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्रदेश सरकार की ''जीरो टॉलरेंस'' नीति का नतीजा है कि प्रदेश में अपराध न्यूनतम स्तर पर है।
लखनऊ, 20 अगस्त उत्तर प्रदेश सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्य में पिछले नौ वर्षों के दौरान घटित अपराधों के तुलनात्मक आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि अपराध और भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्रदेश सरकार की ''जीरो टॉलरेंस'' नीति का नतीजा है कि प्रदेश में अपराध न्यूनतम स्तर पर है।
गृह विभाग के प्रवक्ता ने यहां बताया कि प्रदेश में पिछले नौ वर्षों में घटित अपराधों के तुलनात्मक आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा सरकार के कार्यकाल में अपराध की घटनाओं में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। डकैती के मामले में वर्ष 2016 के सापेक्ष 2020 में 74.50 फीसदी और 2012 के सापेक्ष 74.67 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है।
इसी तरह, इन्हीं वर्षों के आंकड़ों को देखें तो लूट के मामलों में क्रमशः 65.29 फीसदी और 54.25 फीसदी की गिरावट हुई है। हत्या के मामलों में क्रमशः 26.43 फीसद और 29.74 फीसदी की कमी आई है। फिरौती के लिए अपराध के मामलों में वर्ष 2016 के सापेक्ष 2020 में 54.55 फीसदी और 2012 के मुकाबले 64.29 फीसदी की कमी आई है।
प्रवक्ता के मुताबिक, बलात्कार के मामलों में वर्ष 2013 के मुकाबले 2020 में 25.94 फीसदी और 2016 के मुकाबले 38.74 फीसदी और 2019 के सापेक्ष 28.13 फीसदी की कमी आई है।
यह भी पढ़े | Sachin Pilot: राजस्थान प्रदेश प्रमुख पद से हटाए जाने के बाद पहली बार कांग्रेस कार्यालय पहुंचे सचिन पायलट.
उन्होंने बताया कि पोक्सो एक्ट के मामलों में प्रभावी पैरवी करते हुए एक जनवरी 2019 से इस साल 30 जून तक 922 मुकदमों में आरोपियों को सजा हुई है। इनमें से पांच को मृत्युदंड, 193 को उम्र कैद और 724 को अन्य सजा हुई है।
वहीं, राहजनी के मामलों में यह गिरावट 100 फीसदी रही है। साल 2017 से लेकर अभी तक ऐसी एक भी वारदात नहीं घटित हुई है।
प्रवक्ता ने बताया कि गुंडा अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट तथा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के पंजीकृत अभियोगों के तहत मौजूदा सरकार के कार्यकाल में प्रभावी कार्यवाही हुई है।
गुंडा अधिनियम के तहत वर्ष 2012 में 12,149, वर्ष 2016 में 13,615 मुकदमे दर्ज हुए थे जबकि 2020 में अब तक 17,908 अभियोग पंजीकृत किए जा चुके हैं। गैंगस्टर एक्ट के तहत 2012 में 1313, वर्ष 2016 में 1716 और 2020 में 2346 मुकदमे दर्ज हुए हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत साल 2012 में 44, 2016 में 82 और 2020 में 112 अभियोग पंजीकृत किए जा चुके हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ की गई कार्यवाही में उत्तर प्रदेश देश के अन्य राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के मुकाबले काफी आगे है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 21, 2020 12:12 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

