देश की खबरें | यादवपुर विश्वविद्यालय गतिरोध : जेयूटीए सदस्य 16 जनवरी को धरना देंगे

कोलकाता, 10 जनवरी पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस द्वारा दो सप्ताह पहले यादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) के कार्यवाहक कुलपति बुद्धदेव साउ को हटाने को लेकर जारी गतिरोध के बीच विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने बुधवार को 'जेयू बचाओ' अभियान के तहत 16 जनवरी को धरना प्रदर्शन करने की घोषणा की।

यादवपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (जेयूटीए) के महासचिव पार्थ प्रतिम राय ने संवाददाताओं से कहा कि संकाय सदस्य 16 जनवरी को निर्धारित धरने में भाग लेंगे और अपराह्न दो से तीन बजे तक अपने मुंह पर काली पट्टी बांधकर रखेंगे।

जेयूटीए की प्रमुख मांग है कि दिशा-निर्देशों के अनुसार विश्वविद्यालय में जल्द से जल्द स्थायी कुलपति की नियुक्ति की जाए।

जेयूटीए ने दावा किया कि गतिरोध के कारण संस्थान की शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यप्रणाली बाधित हो रही है।

जेयूटीए के महासचिव पार्थ प्रतिम राय ने कहा, ‘‘हम छात्रों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों और अन्य अधिकारियों को मौजूदा स्थिति में रुकी हुईं परियोजनाओं और काम के बारे में भी अवगत कराएंगे और उन्हें बताएंगे कि यह कैसे प्रभावित हो रहा है।’’

राय ने कहा कि शिक्षक संघ के कुछ सदस्यों ने मौजूदा गतिरोध को समाप्त करने के लिए प्रभावित पक्षों में से एक के रूप में उच्चतम न्यायालय जाने के लिए कानूनी सलाह लेने की भी वकालत की है।

उन्होंने कहा कि लेकिन ऐसे किसी भी कदम से पहले बहुत अधिक विचार-विमर्श करने की जरूरत है।

इस बीच, ऑल बंगाल यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (एबीयूटीए) ने एक बयान में इस गतिरोध के लिए कुलाधिपति सी वी आनंद बोस को जिम्मेदार ठहराया है।

एबीयूटीए ने विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह की पूर्व संध्या पर कुलपति को हटाने के कदम को उपराज्यपाल का ‘निरंकुश कदम’ करार देते हुए कहा कि इससे विश्वविद्यालय के कामकाज को नुकसान पहुंच सकता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)