विदेश की खबरें | संरा ईसीओएसओसी मोदी भारत वायरस दो अंतिम

उन्होंने कहा कि हम अपने समावेशी कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापक प्रगति कर रहे हैं।

मोदी ने समावेशी विकास की दिशा में भारत के प्रयासों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पिछले साल पूरे विश्व ने महात्मा गांधी का 150वां जयंती वर्ष मनाया और भारत ने अपने छह लाख गांवों को पूरी तरह खुले में शौच के चलन से मुक्त करने का लक्ष्य हासिल किया।

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उन्होंने कहा कि पांच साल में देश में 11 करोड़ से अधिक घरों में शौचालय बनाये गये हैं जिनसे ग्रामीण स्वच्छता का स्तर 38 प्रतिशत से शत प्रतिशत पहुंच गया है।

मोदी ने कहा कि सरकार का सामूहिक जागरुकता सृजन कार्यक्रम भारत की महिलाओं को सशक्त बना रहा है।

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उन्होंने कहा कि पिछले छह साल में सरकार ने ऐसे लोगों के लिए 40 करोड़ बैंक खाते खोले हैं जिनके पहले बैंकों में खाते नहीं थे। इनमें 22 करोड़ खाते महिलाओं के हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने वित्तीय समावेश के लिए प्रौद्योगिकी की शक्ति का दोहन किया। यह प्रत्येक नागरिक के लिए विशिष्ट पहचान संख्या, एक बैंक खाता और एक मोबाइल कनेक्शन के तीन सूत्रों पर आधारित है। इससे हम 70 करोड़ से अधिक लोगों को 150 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष लाभ अंतरण कर सके। हमारे खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम की पहुंच 81.3 करोड़ नागरिकों तक है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारा ‘सभी के लिए आवास’ कार्यक्रम सुनिश्चित करेगा कि 2022 तक, जब हम देश की आजादी के 75 वर्ष पूर्ण करेंगे तो प्रत्येक भारतीय के सर पर छत होगी। तब तक इस कार्यक्रम के तहत चार करोड़ नये मकानों का निर्माण हो जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि ‘आयुष्मान भारत’ योजना दुनिया का सबसे बड़ा स्वास्थ्य सुरक्षा कार्यक्रम है जिसका दायरा 50 करोड़ लोगों तक है।

मोदी ने कहा कि पिछले कुछ सालों में भारत ने सालाना 3.8 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन कम किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे गांवों तक बिजली पहुंचाकर, आठ करोड़ गरीब परिवारों को एलपीजी देकर और ऊर्जा बचाने के अनेक कदम उठाकर किया गया है।’’

उन्होंने बताया कि भारत ने 2030 तक 450 गीगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा है।

मोदी ने यह भी कहा कि भारत ने स्वच्छता के लिए एक बहुत बड़ा अभियान चलाया है और एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के उपयोग को हतोत्साहित किया गया है।

उन्होंने कहा कि अन्य विकासशील देश भारत के विकास कार्यक्रमों के स्तर और सफलताओं से सीख सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘भूकंप हो, चक्रवात हों, इबोला संकट हो या अन्य कोई प्राकृतिक अथवा मानव जनित आपदा हो, भारत ने फुर्ती के साथ और एकजुटता से उसका मुकाबला किया है। कोविड-19 के खिलाफ हमारी संयुक्त लड़ाई में हमने 150 से अधिक देशों को चिकित्सा तथा अन्य सहायता पहुंचाई हैं। हमने अपने पड़ोस में एक दक्षेस कोविड आपातकालीन कोष बनाने में भी मदद की है।’’

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