देश की खबरें | एसडीएमसी के नोटिसों के खिलाफ उच्च न्यायालय पहुंची महिला डॉक्टर
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नयी दिल्ली, 12 जुलाई दिल्ली के एक सरकारी अस्पताल में कार्यरत महिला डॉक्टर ने अपने आवासीय परिसर में अतिरिक्त निर्माण के संबंध में दक्षिण दिल्ली नगर निगम की ओर से जारी नोटिसों के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है।
डॉक्टर ने दावा किया है कि दक्षिण दिल्ली स्थित उसके आवास पर किया गया निर्माण शुल्क के भुगतान के बाद समाधेय या नियमित करने योग्य है और पड़ोसियों ने भी बीते कई साल से ऐसा ही ढांचा खड़ा कर रखा है, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इससे पहले न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने 10 जुलाई को पारित आदेश में दक्षिण दिल्ली नगर निगम को डॉक्टर की याचिका को प्रतिवेदन के तौर पर लेने और इस संबंध में कोई फैसला लेकर चार सप्ताह के भीतर महिला को बताने के लिये कहा था।
अदालत ने कहा कि अगर निगम को अतिरिक्त दस्तावेजों की जरूरत पड़ी तो ऐसे नोटिस जारी किये जाने के दो सप्ताह के भीतर डॉक्टर को यह दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। साथ ही एसडीएमसी से संप्रेषण मिलने के बाद देय होने पर डॉक्टर को कम्पाउंड शुल्क देना होगा।
एसडीएमसी के वकील ने अदालत को आश्वासन दिया था कि महिला के खिलाफ पहले कोई प्रतिकूल कार्रवाई नहीं की जाएगी।
वकील ने यह भी कहा कि अगर याचिकाकर्ता नियमानुसार निर्माण को नियमित करने या कम्पाउंड करने के लिए आवेदन करेगा, तो उसका प्रतिवेदन विधिवत माना जाएगा।
डॉक्टर ने दावा किया कि उसे परेशान किया जा रहा है और निगम के अधिकारियों ने उसके निर्माण को नियमित करने या समाधेय करने के प्रतिवेदन को एक संक्षिप्त बयान ''संतोषजनक नहीं पाया'' देकर खारिज कर दिया।
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