देश की खबरें | लाइसेंस खत्म करने के दिल्ली सरकार के फैसले का विरोध करेंगे : नगर निगम
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर भाजपा शासित दिल्ली नगर निगम ने बृहस्पतिवार को रेस्तरां के लिए स्वास्थ्य व्यापार लाइसेंस की जरूरत को खत्म करने के दिल्ली सरकार के फैसले को नगर निकाय को कमजोर करने की ‘चाल’ करार दिया और कहा कि वह इसके खिलाफ कानूनी परामर्श लेंगे।

उत्तरी दिल्ली के महापौर जयप्रकाश ने कहा कि स्थानीय निकाय को नगर मामलों में स्वायत्ता है और आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार निगम के राजस्व के स्रोतों को खत्म करने की कोशिश कर रही है।

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उल्लेखनीय है कि बुधवार को दिल्ली सरकार ने रेस्तरां कारोबार करने के लिए पर्यटन, पुलिस और स्वास्थ्य व्यापार लाइसेंस की जरूरत को खत्म कर दिया था। दिल्ली सरकार ने कहा कि उसकी मंशा आतिथ्य सत्कार कारोबार में ‘परमिट राज’ को खत्म करना है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अधिकारियों को नगर निकाय द्वारा जारी स्वास्थ्य व्यापार लाइसेंस को 10 दिनों के भीतर खत्म करने का निर्देश दिया था।

प्रकाश ने कहा, ‘‘दिल्ली सरकार हमारे राजस्व के स्रोतों को खत्म करना चाहती हैं। हम इस मामले पर पीछे नहीं हटेंगे। हमने अपने विधि विभाग से कहा है कि वह दिल्ली नगर निगम अधिनियम को देखे जिससे हम इसका मुकाबला कर सके।’’

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भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि क्या दिल्ली सरकार जिम्मेदारी लेगी अगर राजधानी के किसी रेस्तरां में स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी कोई घटना होती है।

दिल्ली सरकार के फैसले से नगर निगम ही नहीं दिल्ली पुलिस भी नाखुश दिखती है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि विभाग द्वारा जारी में लाइसेंस में ग्राहक और रेस्तरां कर्मी की संरक्षा और सुरक्षा सहित कई पहलु शामिल होते हैं।

दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त (लाइसेंस)सुवाशीष चौधरी ने कहा, ‘‘ इसमें कई संरक्षा और सुरक्षा के मामले जुड़े हुए हैं। अगर कोई कानून का उल्लंघन करता है , अगर वहां कोई झगड़ा या समस्या होती तो क्या होगा? अगर वहां कोई खतरनाक गतिविधि होगी, अगर रेस्तरां का स्थान उचित नहीं हो या अगर व्यक्ति रेस्तरां चलाने के योग्य नहीं हो तब क्या होगा? ’’

उन्होंने कहा, ‘‘ क्या होगा अगर कोई अपराधी रेस्तरां चला रहा होगा? किसी कानून का उल्लंघन हो रहा होगा तब कौन उनके खिलाफ कार्रवाई करेगा?’’

चौधरी ने कहा कि पार्किंग के मद्देनजर रेस्तरां का स्थान अहम है। स्थानीय पुलिस और यातायात पुलिस कानून व्यवस्था को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

हालांकि, दिल्ली सरकार के फैसले से रेस्तरां मालिक खुश हैं।

‘रास्ता ऐंड येती’ के सह साझेदार जॉय सिंह ने कहा, ‘‘ सबसे जरूरी समय पर सरकार का यह सकारात्मक कदम है। इन सुधारों से आतिथ्य उद्योग को विकास करने, स्थिर होने और कायम रहने में मदद मिलेगी...हम शांति से काम कर पाएंगे और अपने कारोबार पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे, बजाय अलग-अलग तरह के लाइसेंस के।’’

केजरीवाल द्वारा 10 दिन में लाइसेंस खत्म करने की घोषणा का संदर्भ देते हुए सिंह ने कहा कि पहले भी वादा किया गया था लेकिन इस बार समय सीमा तय की गई है।

‘ट्रेस’ के खानसामा और सह मालिक जतिन मलिक ने कहा, ‘‘आतिथ्य सत्कार क्षेत्र को पहले बहुत नजर अंदाज किया गया और ऐसे सृजनात्मक फैसलों से बेहतर भविष्य की उम्मीद बनती है। इन सुधारों से निश्चित तौर पर कारोबार सुगमता को बढ़ावा मिलेगा।’’

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