देश की खबरें | न्यायालय का रुख करेंगे, देश को एकजुट करने के राहुल गांधी के मिशन को कोई नहीं रोक पाएगा : कांग्रेस

कोझिकोड (केरल), सात जुलाई कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि वह ‘‘मोदी उपनाम’’ संबंधी टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले में राहुल गांधी को दोषी ठहराने संबंधी फैसले पर रोक लगाने का अनुरोध करने वाली उनकी याचिका खारिज करने के गुजरात उच्च न्यायालय के निर्णय को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देगी।

पार्टी ने कहा कि देश को एकजुट करने के मिशन से राहुल गांधी या पार्टी को कोई रोक नहीं पाएगा।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) महासचिव (संगठन) के सी वेणुगोपाल ने उत्तरी केरल के कोझिकोड जिले में पूर्वोत्तर के हिंसाग्रस्त राज्य मणिपुर में शांति बहाली की मांग के लिये आयोजित पार्टी के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गांधी से जुड़े मानहानि मामले और अदालत के फैसले पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया के बारे में बात की।

उन्होंने कहा कि गुजरात की अदालत से गांधी के खिलाफ आये फैसले में “हैरान करने वाला कुछ भी नहीं” है और ‘‘हमारे सामने एक और विकल्प है... उच्चतम न्यायालय। देखते हैं। कांग्रेस पार्टी यह विकल्प भी अपनाएगी।’’

वेणुगोपाल के यह बयान देने से कुछ ही देर पहले गुजरात उच्च न्यायालय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की दोषसिद्धि के फैसले पर रोक लगाने का अनुरोध करने संबंधी उनकी याचिका खारिज कर दी।

अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि निचली अदालत का कांग्रेस नेता को दोषी ठहराने का आदेश ‘‘न्यायसंगत, उचित और वैध’’ है।

बैठक के दौरान वेणुगोपाल ने कहा, “वर्तमान समय में हम कैसे मान लें कि गुजरात जैसे राज्य से न्याय मिलेगा? एक बात जो फैसले लिखने वालों और ऐसे फैसलों के लिए जमीन तैयार करने वालों को समझनी चाहिए, वह यह है कि राहुल गांधी एक ऐसे नेता हैं जिन्हें किसी भी फैसले या अयोग्यता से तोड़ा नहीं जा सकता है।”

बाद में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि कोई भी निर्णय गांधी या कांग्रेस पार्टी को राष्ट्र को एकजुट करने के उनके मिशन से नहीं रोक पाएगा।

वेणुगोपाल ने पूछा, “राहुल गांधी और कांग्रेस देश के लोगों को एकजुट करने का काम आगे बढ़ाएगी... शुरुआती फैसले और सजा को पांच या छह महीने हो गए हैं। क्या वह डरे हुए और चुप थे?”

उन्होंने यह भी कहा कि गांधी इन सभी मुद्दों से पार पा लेंगे।

वेणुगोपाल ने संवाददाताओं से कहा, “मामला तब शुरू हुआ जब अडाणी-मोदी संबंध उजागर हुआ। हमें नहीं पता था कि अडाणी इतने शक्तिशाली हैं...।”

यदि दोषसिद्धि पर रोक लग जाती, तो राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल होने का मार्ग प्रशस्त हो जाता।

गुजरात में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक पूर्णेश मोदी द्वारा दायर 2019 के मामले में सूरत की मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अदालत ने 23 मार्च को राहुल गांधी को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 499 और 500 (आपराधिक मानहानि) के तहत दोषी ठहराते हुए दो साल जेल की सजा सुनाई थी।

फैसले के बाद गांधी को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत संसद की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। राहुल गांधी 2019 में केरल के वायनाड से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए थे।

राहुल गांधी ने 13 अप्रैल, 2019 को कर्नाटक के कोलार में एक चुनावी रैली के दौरान टिप्पणी की थी कि ‘‘सभी चोरों का मोदी उपनाम ही क्यों होता है?’’ इस टिप्पणी को लेकर विधायक ने गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया था।

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