बेंगलुरू, 13 मई कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धरमैया ने शनिवार को कहा कि कर्नाटक में बनने जा रही सरकार न केवल पहली मंत्रिमंडल बैठक में पार्टी द्वारा घोषित पांच चुनाव पूर्व ‘गारंटी’ को मंजूरी देगी बल्कि इस संबंध में तत्काल प्रभाव से एक आदेश भी पारित करेगी।
उन्होंने कहा कि जनता द्वारा दिया गया जनादेश ‘‘आनंद’’ करने के लिए नहीं बल्कि एक जन-हितैषी शासन के लिए है।
पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हमने जो पांच गारंटी दी हैं, उन्हें पहली कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी जाएगी और उसके बाद हम एक आदेश पारित करेंगे।’’
कांग्रेस ने कर्नाटक में सत्ता में आने के पहले दिन ‘पांच गारंटी’ लागू करने का वादा किया है। इन वादों में सभी घरों (गृह ज्योति) को 200 यूनिट मुफ्त बिजली, हर परिवार की महिला मुखिया (गृह लक्ष्मी) को 2,000 रुपये मासिक सहायता, गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के परिवार (अन्न भाग्य) के प्रत्येक सदस्य को 10 किलोग्राम चावल मुफ्त, बेरोजगार स्नातक युवाओं के लिए हर महीने 3,000 रुपये और बेरोजगार डिप्लोमा धारकों (दोनों 18-25 आयु वर्ग में) को दो साल के लिए 1,500 रुपये (युवा निधि) और सार्वजनिक परिवहन बसों (शक्ति) में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा शामिल हैं।
इन गारंटी पर तंज कसने के लिए कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘(प्रधानमंत्री) मोदी ने कहा कि ये वादे पूरे नहीं होंगे क्योंकि इससे राज्य पर कर्ज का बोझ पड़ेगा। मोदी ने खुद देश पर कर्ज का बोझ लाद दिया है। यह भाजपा ही है जिसने राज्य को दिवालियापन की ओर धकेल दिया।’’
कर्नाटक की 224 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस 135 सीटें जीत चुकी है जबकि एक सीट पर आगे चल रही है। विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 10 मई को हुआ था और परिणाम की घोषणा शनिवार को हुई है।
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